श्रवण आकाश/खगड़िया
बिहार में महागठबंधन की सरकार में युवा दिलों के धड़कन उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने अतिपिछड़ा के हक और अधिकार के लिए जातिगत जनगणना को अंजाम तक पहुंचाकर ही दम लिया।जाति आधारित सर्वे के आंकड़ें के आधार पर अतिपिछड़ा और पिछड़ों का कायापलट होगा।उक्त बातें बिहार सरकार के पूर्व मंत्री वृषण पटेल ने जिले के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत भरतखण्ड गांव में जिला राष्ट्रीय जनता दल अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के द्वारा आयोजित अतिपिछड़ा सामाजिक जागरुकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।इसके पूर्व इस सम्मेलन का उद्घाटन बिहार सरकार के पूर्व मंत्री वृषण पटेल,राजद अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द सहनी,राजद विधायक भरत भूषण मंडल, रामवृक्ष सदा,राजद प्रदेश प्रवक्ता उर्मिला ठाकुर,पूर्व नगर सभापति सह राजद जिलाध्यक्ष मनोहर कुमार यादव तथा नगर सभापति सह राजद उपाध्यक्ष रंजीता निषाद ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।राजद अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष राजेश मंडल की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन का संचालन राजद जिला उपाध्यक्ष कैलाशचंद्र यादव ने किया।
पूर्व मंत्री वृषण पटेल ने कहा कि जातीय जनगणना की रिपोर्ट के अनुसार महागठबंधन की सरकार सुनिश्चित कर सकेगी कि जितनी जिसकी जनसंख्या,उतनी उनकी हिस्सेदारी हो।राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का मानना रहा है कि राज्य के संसाधनों पर न्याय संगत अधिकार सभी वर्गों का हो।केंद्र में जब ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनेगी तो पूरे देश में जाति आधारित जनगणना करायेगें।अगर अत्यंत पिछड़ा अर्थात ईबीसी वर्ग के आबादी की बात करें तो यह 36% से भी ज्यादा हैं।यूं समझ लें कि इस जातिगत जनगणना के माध्यम से बिहार में सत्ता की चाबी अति पिछड़ों के हाथों में थमा दी गई है।यह अकेला वोट बैंक लालू के चट्टान जितने मजबूत माने जाने वाले जनाधार ‘माय समीकरण’ से भी काफी बड़ा है।राजद अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द सहनी ने कहा कि जातिगत जनगणना में अतिपिछड़ा और पिछड़ा की आबादी सबसे अधिक है।इसलिए भाजपा के लोगों ने जातिगत जनगणना को रोकने के लिए तरह- तरह का षडयंत्र कर इसे रोकना चाहा।लेकिन बिहार की महागठबंधन की सरकार ने जातिगत जनगणना कराया।
इसलिए हम सभी अतिपिछड़ा और पिछड़ा वर्ग के लोग आगामी लोकसभा चुनाव में केंद्र में बैठी मनुवादी सोच वाली सरकार को परास्त करते हुए ‘इंडिया’गठबंधन के उम्मीदवार को जीताकर अतिपिछड़ा विरोधी नरेंद्र मोदी की सरकार को दिल्ली की गद्दी से हटाने का काम करेंगे।राजद विधायक भरत भूषण मंडल और रामवृक्ष सदा ने कहा कि जातिगत जनगणना से बेजेपी के नेता घबड़ा गये हैं।जाति आधारित गणना से न सिर्फ जातियों के बारे में पता चला है,बल्कि सभी की आर्थिक स्थिति की जानकारी भी मिली है।इसी के आधार पर सभी वर्गों के विकास एवं उत्थान के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश प्रवक्ता उर्मिला ठाकुर और युवा राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता नितेश यादव ने कहा कि जातिगत जनगणना होने से बिहार के पिछड़ा,अतिपिछड़ा,दलित और अल्पसंख्यक में उत्साह है कि हमलोगों को हमारी आबादी के अनुसार अधिकार मिलेगा।राजद जिलाध्यक्ष मनोहर कुमार यादव ने कहा कि सौ में नब्बे शोषित हैं, शोषितों ने ललकारा है धन धरती और राजपाट में नब्बे भाग हमारा है।इस अतिपिछड़ा सामाजिक जागरूकता सम्मेलन में मुख्य रूप से जिला प्रधान महासचिव नंदलाल मंडल,प्रदेश महासचिव राजा रबिन्द्र निषाद,शम्भू सहनी, नरेश सहनी,जिला उपाध्यक्ष बेबी रानी,महिला जिलाध्यक्ष रंजू सहनी,मुखिया शम्भू चौरसिया, युवा अध्यक्ष उदय यादव,जिला प्रवक्ता अजीत सरकार,मजदूर प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष अमित चौरसिया,गोगरी नगर अध्यक्ष आकर्षण राज चौरसिया, अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ नगर अध्यक्ष रोहित साह सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे |

बिहार में महागठबंधन की सरकार में युवा दिलों के धड़कन उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने अतिपिछड़ा के हक और अधिकार के लिए जातिगत जनगणना को अंजाम तक पहुंचाकर ही दम लिया।जाति आधारित सर्वे के आंकड़ें के आधार पर अतिपिछड़ा और पिछड़ों का कायापलट होगा।उक्त बातें बिहार सरकार के पूर्व मंत्री वृषण पटेल ने जिले के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत भरतखण्ड गांव में जिला राष्ट्रीय जनता दल अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के द्वारा आयोजित अतिपिछड़ा सामाजिक जागरुकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।इसके पूर्व इस सम्मेलन का उद्घाटन बिहार सरकार के पूर्व मंत्री वृषण पटेल,राजद अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द सहनी,राजद विधायक भरत भूषण मंडल, रामवृक्ष सदा,राजद प्रदेश प्रवक्ता उर्मिला ठाकुर,पूर्व नगर सभापति सह राजद जिलाध्यक्ष मनोहर कुमार यादव तथा नगर सभापति सह राजद उपाध्यक्ष रंजीता निषाद ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।राजद अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष राजेश मंडल की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन का संचालन राजद जिला उपाध्यक्ष कैलाशचंद्र यादव ने किया।
पूर्व मंत्री वृषण पटेल ने कहा कि जातीय जनगणना की रिपोर्ट के अनुसार महागठबंधन की सरकार सुनिश्चित कर सकेगी कि जितनी जिसकी जनसंख्या,उतनी उनकी हिस्सेदारी हो।राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का मानना रहा है कि राज्य के संसाधनों पर न्याय संगत अधिकार सभी वर्गों का हो।केंद्र में जब ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनेगी तो पूरे देश में जाति आधारित जनगणना करायेगें।अगर अत्यंत पिछड़ा अर्थात ईबीसी वर्ग के आबादी की बात करें तो यह 36% से भी ज्यादा हैं।यूं समझ लें कि इस जातिगत जनगणना के माध्यम से बिहार में सत्ता की चाबी अति पिछड़ों के हाथों में थमा दी गई है।यह अकेला वोट बैंक लालू के चट्टान जितने मजबूत माने जाने वाले जनाधार ‘माय समीकरण’ से भी काफी बड़ा है।राजद अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द सहनी ने कहा कि जातिगत जनगणना में अतिपिछड़ा और पिछड़ा की आबादी सबसे अधिक है।इसलिए भाजपा के लोगों ने जातिगत जनगणना को रोकने के लिए तरह- तरह का षडयंत्र कर इसे रोकना चाहा।लेकिन बिहार की महागठबंधन की सरकार ने जातिगत जनगणना कराया।












