रेशु रंजन/खगड़िया
जिले के बेलदौर थाना क्षेत्र में पहली बार किसी चौकीदार की हत्या नहीं हुई है।इसके पहले भी दो चौकीदारों को निर्मम तरीके से मौत के घाट उतारा जा चुका है।बताया जा रहा है कि बीते 1993 के 13जुलाई को कंजरी के चौकीदार राजेंद्र यादव की निर्मम हत्या अपराधियों द्वारा कर दी गयी थी।हालांकि घटना के जड़ में जमीनी विवाद का मामला सामने आया था।घटना इतनी विभत्स थी कि उसे याद कर आज भी लोग सिहर जाते हैं।अपराधियों ने उसके शरीर को कई हिस्सों में विभक्त कर दिया था।जिसके बाद उसकी पत्नी संगीता देवी को अनुकंपा के आधार पर चौकीदारी की नौकरी दी गई।इसके बाद बीते वर्ष 2005के 17दिसम्बर को बड़ी भरना निवासी चौकीदार सद्दान सादा को भरना पचौत स्थित घर में ही अपराधियों ने गोलियों से भून डाला था।जिसके बाद से उसका बेटा दीपक सादा चौकीदार के रूप में थाने में कार्यरत है।
ताजा मामले की बात करें तो तिलाठी चौक पर बीते बुधवार की देर रात अपराधियों ने चौकीदार घनश्याम मालाकार को बांस के बल्ले से कुचल-कुचल कर मौत के घाट उतार दिया।इतना ही नहीं,उसके चेहरे को पूरी तरह से विकृत भी कर दिया गया।वैसे कहा यह भी जा रहा है कि उसकी हत्या गोली मारकर की गई है।निर्मम तरीके से चौकीदार की हुई हत्या के बाद से लोग सहमे-सहमे हैं।बताया जा रहा है कि सकरोहर पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर तीन निवासी स्वर्गीय रामचंद्र मालाकार के 55 वर्षीय पुत्र घनश्याम मालाकार बीती रात तिलाठी चौक पर रात्रि में ड्यूटी बजा रहे थे।गुरुवार की सुबह तिलाठी चौक के पान दुकानदार ठाकुर मुखिया के पुत्र गुलाब मुखिया ने दुकान की सफाई के दौरान सबसे पहले शव को देखा और इसकी सूचना लोगों को दी।
चौकीदार की हत्या होने की बात जानते ही इलाके में सनसनी फैल गई।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए खगड़िया सदर अस्पताल भेज दिया।इधर खगड़िया एसपी अमितेश कुमार और गोगरी एसडीपीओ रमेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर घटना की विस्तृत जानकारी ली।एसपी ने मृतक के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना देते हुए अपराधियों को शीघ्र सलाखों के पीछे भेजने एवं उचित मुआवजा दिलवाने का आश्वासन दिया।चौकीदार की हत्या का वास्तविक कारण क्या है,यह तो पुलिसिया जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा,लेकिन मृतक चौकीदार की पत्नी पत्नी निर्मला देवी,बेटी रूबी देवी, सोनाली देवी,सुहानी देवी,निहाशा कुमारी,अनुषा कुमारी,पुत्र आशीष कुमार और बिट्टू कुमार का कहना है कि इलाके में शराब का कारोबार करने वाले शराब माफिया ने इस घटना को अंजाम दिया है।परिजनों ने पुलिस के समक्ष बकायदा उसका नाम भी लिया है।
दूसरी तरफ घटना के बाद तिलाठी गांव के दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकानें को बंद कर घटना के विरोध में रोष प्रकट किया।घटना के कुछ ही घंटे पश्चात भागलपुर सीआईडी एफएसएल टीम के असिस्टेंट डायरेक्टर संदीप कुमार,सीनियर असिस्टेंट पवन कुमार प्रजापति, सीनियर साइंटिस्ट असिस्टेंट सुनील कुमार घटना स्थल पर पहुंचकर आवश्यक सबूत एकत्रित किया।उसके बाद मुंगेर से श्वान दस्ता के ट्रेकर डॉग मानक के साथ कांस्टेबल मुकेश कुमार,गृह रक्षक छतिश कुमार ने घटना स्थल पर पहुंचकर मामले को ट्रेक करने की कोशिश की।खोजी कुत्ता टोपरा बासा समीप स्थित एक सुनसान घर तक पंहुचा।मौके पर थाना अध्यक्ष परेंद्र कुमार,पुलिस निरीक्षक दीपक कुमार,पुलिस अवर निरीक्षक जयप्रकाश सिंह,सतीश कुमार पटेल सहित कई पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
(मौत के घाट उतार दिए गए चौकीदार को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गयी श्रद्धांजलि)
मौत के घाट उतार दिए गए चौकीदार घनश्याम मालाकार को गॉड ऑफ ऑनर के साथ सलामी और श्रद्धांजलि दी गई।इस दौरान गोगरी एसडीपीओ रमेश कुमार,अवर निरीक्षक दीपक कुमार,थाना अध्यक्ष परेंद्र कुमार, एसआई जयप्रकाश सिंह,सतीश पटेल,नगीना प्रसाद,अनिल पासवान,सुनील कुमार सिंह, शैलेश कुमार,एएसआई दिलीप कुमार,सेवानिवृत्त दफेदार मोहम्मद जियाउद्दीन,सेवानिवृत्त दफेदार राम नरेश सिंह,चौकीदार इंदल चौधरी,राकेश कुमार समेत पुलिस पदाधिकारी एवं चौकीदार बल के द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर के साथ-साथ श्रद्धांजलि दी गई।वहीं चौकीदार बल के द्वारा बेलदौर बाजार का भ्रमण करते हुए शहीद घनश्याम मालाकार अमर रहे का नारा लगाते हुए घनश्याम मालाकार के पैतृक घर पर शव को पहुंचाया गया।इधर सेवानिवृत्त दफेदार मोहम्मद जियाउद्दीन ने बताया कि घनश्याम मालाकार ने 33 वर्ष 2 माह अपनी सेवा आदर्श थाना बेलदौर में दी।उनकी नियुक्ति 11/9/ 1990 को चौकीदार के पद पर हुई थी।वह नेक इंसान थे और अपने से छोटे को भी भाई कह कर संबोधित करते थे।उनकी हत्या हो जाने से सभी गमजदा हैं।पुलिस महकमे के लोगों की आंखों से आंसू बह रहे हैं और सभी में मायूसी छाई हुई है।वह अपने पीछे पांच पुत्री,दो पुत्र के साथ-साथ पत्नी को छोड़कर चल बसे।उनकी हत्या होने से बेलदौर थाना क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है।दूसरी तरफ डीएसपी रमेश कुमार ने कहा कि मृतक चौकीदार की हत्या ड्यूटी के दौरान अपराधियों ने की है।इन्हें शहीद का दर्जा दिलाने के लिए विभाग से पत्राचार किया जाएगा।



चौकीदार की हत्या होने की बात जानते ही इलाके में सनसनी फैल गई।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए खगड़िया सदर अस्पताल भेज दिया।इधर खगड़िया एसपी अमितेश कुमार और गोगरी एसडीपीओ रमेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर घटना की विस्तृत जानकारी ली।एसपी ने मृतक के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना देते हुए अपराधियों को शीघ्र सलाखों के पीछे भेजने एवं उचित मुआवजा दिलवाने का आश्वासन दिया।चौकीदार की हत्या का वास्तविक कारण क्या है,यह तो पुलिसिया जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा,लेकिन मृतक चौकीदार की पत्नी पत्नी निर्मला देवी,बेटी रूबी देवी, सोनाली देवी,सुहानी देवी,निहाशा कुमारी,अनुषा कुमारी,पुत्र आशीष कुमार और बिट्टू कुमार का कहना है कि इलाके में शराब का कारोबार करने वाले शराब माफिया ने इस घटना को अंजाम दिया है।परिजनों ने पुलिस के समक्ष बकायदा उसका नाम भी लिया है।
दूसरी तरफ घटना के बाद तिलाठी गांव के दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकानें को बंद कर घटना के विरोध में रोष प्रकट किया।घटना के कुछ ही घंटे पश्चात भागलपुर सीआईडी एफएसएल टीम के असिस्टेंट डायरेक्टर संदीप कुमार,सीनियर असिस्टेंट पवन कुमार प्रजापति, सीनियर साइंटिस्ट असिस्टेंट सुनील कुमार घटना स्थल पर पहुंचकर आवश्यक सबूत एकत्रित किया।उसके बाद मुंगेर से श्वान दस्ता के ट्रेकर डॉग मानक के साथ कांस्टेबल मुकेश कुमार,गृह रक्षक छतिश कुमार ने घटना स्थल पर पहुंचकर मामले को ट्रेक करने की कोशिश की।खोजी कुत्ता टोपरा बासा समीप स्थित एक सुनसान घर तक पंहुचा।मौके पर थाना अध्यक्ष परेंद्र कुमार,पुलिस निरीक्षक दीपक कुमार,पुलिस अवर निरीक्षक जयप्रकाश सिंह,सतीश कुमार पटेल सहित कई पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
(मौत के घाट उतार दिए गए चौकीदार को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गयी श्रद्धांजलि)
मौत के घाट उतार दिए गए चौकीदार घनश्याम मालाकार को गॉड ऑफ ऑनर के साथ सलामी और श्रद्धांजलि दी गई।इस दौरान गोगरी एसडीपीओ रमेश कुमार,अवर निरीक्षक दीपक कुमार,थाना अध्यक्ष परेंद्र कुमार, एसआई जयप्रकाश सिंह,सतीश पटेल,नगीना प्रसाद,अनिल पासवान,सुनील कुमार सिंह, शैलेश कुमार,एएसआई दिलीप कुमार,सेवानिवृत्त दफेदार मोहम्मद जियाउद्दीन,सेवानिवृत्त दफेदार राम नरेश सिंह,चौकीदार इंदल चौधरी,राकेश कुमार समेत पुलिस पदाधिकारी एवं चौकीदार बल के द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर के साथ-साथ श्रद्धांजलि दी गई।वहीं चौकीदार बल के द्वारा बेलदौर बाजार का भ्रमण करते हुए शहीद घनश्याम मालाकार अमर रहे का नारा लगाते हुए घनश्याम मालाकार के पैतृक घर पर शव को पहुंचाया गया।इधर सेवानिवृत्त दफेदार मोहम्मद जियाउद्दीन ने बताया कि घनश्याम मालाकार ने 33 वर्ष 2 माह अपनी सेवा आदर्श थाना बेलदौर में दी।उनकी नियुक्ति 11/9/ 1990 को चौकीदार के पद पर हुई थी।वह नेक इंसान थे और अपने से छोटे को भी भाई कह कर संबोधित करते थे।उनकी हत्या हो जाने से सभी गमजदा हैं।पुलिस महकमे के लोगों की आंखों से आंसू बह रहे हैं और सभी में मायूसी छाई हुई है।वह अपने पीछे पांच पुत्री,दो पुत्र के साथ-साथ पत्नी को छोड़कर चल बसे।उनकी हत्या होने से बेलदौर थाना क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है।दूसरी तरफ डीएसपी रमेश कुमार ने कहा कि मृतक चौकीदार की हत्या ड्यूटी के दौरान अपराधियों ने की है।इन्हें शहीद का दर्जा दिलाने के लिए विभाग से पत्राचार किया जाएगा।













