बिहार की राजनीति में फिर हलचल तेज हो गई है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के मीडिया को लेकर दिए गए बयान को लेकर बीजेपी ने नाराज़गी जताई है। बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय खंडेलिया ने इसे मीडिया की आज़ादी पर सीधा हमला बताया है। उनका कहना है कि तेजस्वी विपक्ष में रहकर अपना संयम खो बैठे हैं और उनकी भाषा लोकतंत्र के लिए खतरा है।
तेजस्वी की भाषा पर उठे सवाल
खंडेलिया ने कहा कि तेजस्वी यादव ने जिस तरह मंच से मीडिया को धमकाया और बाहुबलियों का ज़िक्र किया, वह बिल्कुल आपत्तिजनक है। उन्होंने इसे शर्मनाक और डर फैलाने वाला बताया।
पुराने दौर की याद दिलाई
बीजेपी नेता ने कहा कि तेजस्वी यादव की बातों ने 1990 से 2005 तक के उस दौर की याद दिला दी है, जब बिहार में अपराध, अपहरण और डर का माहौल था। उन्होंने कहा कि जो युवा उस समय को नहीं जानते, वे अब तेजस्वी की सोच से उस वक्त को समझ सकते हैं।
आरजेडी पर परिवारवाद का आरोप
संजय खंडेलिया ने यह भी कहा कि आरजेडी अब सिर्फ एक राजनीतिक पार्टी नहीं रही, बल्कि एक परिवार की निजी कंपनी बन चुकी है। उनका कहना है कि तेजस्वी खुद को जनता के प्रति नहीं, सिर्फ अपने परिवार के प्रति जवाबदेह मानते हैं।
खंडेलिया ने साफ कहा कि बीजेपी मीडिया की स्वतंत्रता के साथ है। उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि वे किसी भी दबाव या धमकी से न डरें और सच्चाई को सामने लाएं। उन्होंने कहा कि बीजेपी संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए हमेशा तैयार है।
इस प्रेस वार्ता में बीजेपी के कई नेता भी मौजूद थे – जैसे सुनील चौधरी, प्रमोद शाह, अश्विनी सिंह, अश्विनी चौधरी, खगड़िया नगर अध्यक्ष रितेश शर्मा, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष संजय ठाकुर और पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्ष वंदना सिंह पटेल।
अब देखना है कि तेजस्वी यादव इन आरोपों का क्या जवाब देते हैं और बिहार की राजनीति का अगला मोड़ क्या होगा।



















