एसडीएफ न्यूज ब्यूरो,बिहार
खगड़िया से पूर्णिया के बीच सफर करने वाले लाखों यात्रियों और पूरे पूर्वी बिहार के लिए एक ऐतिहासिक और विकास को नई रफ़्तार देने वाली खबर है। खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा के प्रयासों और संसद में मजबूती से उठाई गई मांग पर केंद्र सरकार ने अपनी अंतिम मुहर लगा दी है। खगड़िया से पूर्णिया तक बनने वाले 143 किलोमीटर लंबे फोरलेन सड़क निर्माण को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। लगभग ₹4000 करोड़ की लागत से बनने वाले इस मेगा प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया विभाग द्वारा पहले ही एडवांस में पूरी की जा चुकी है, जिससे अब धरातल पर निर्माण कार्य बेहद जल्द शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
राजेश वर्मा ने संसद में उठाई थी आवाज
गौरतलब है कि इस महत्वपूर्ण सड़क खंड को फोरलेन में बदलने के लिए खगड़िया के युवा सांसद राजेश वर्मा ने संसद सत्र के दौरान सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का ध्यान आकृष्ट कराया था। सांसद ने सदन में क्षेत्र की भौगोलिक और व्यापारिक महत्ता को रखते हुए कहा था कि, “पटना से बेगूसराय तक तो यात्रियों को शानदार फोरलेन मिलता है, लेकिन बेगूसराय से आगे खगड़िया और पूर्णिया की तरफ बढ़ते ही सड़क सिंगल लेन हो जाती है। इस वजह से इस व्यस्त रूट पर आए दिन भीषण सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और स्थानीय जनता को घंटों लंबे ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ता है।”सांसद की इस मांग पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पूर्व में ही सैद्धांतिक सहमति दे दी थी, जिसे अब केंद्रीय कैबिनेट की अंतिम और औपचारिक स्वीकृति भी मिल गई है। इस ऐतिहासिक सौगात के लिए सांसद राजेश वर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया है।
मक्का और केला किसानों के लिए ‘आर्थिक क्रांति’ का आधार
इस फोरलेन कॉरिडोर का सबसे बड़ा लाभ उत्तर और पूर्वी बिहार के कृषि क्षेत्र को मिलने जा रहा है। यह पूरा इलाका अपनी विशेष फसलों के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध है। खगड़िया जिला मक्के की रिकॉर्ड पैदावार के लिए जाना जाता है। फोरलेन बनने से यहाँ का मक्का सीधे बड़े उद्योगों और प्रोसेसिंग यूनिट्स तक तेजी से पहुँच सकेगा। इसी तरह से नवगछिया का इलाका अपने बड़े पैमाने पर होने वाली केले की उन्नत खेती के लिए प्रसिद्ध है। अब यहाँ के केला किसानों की उपज बिना खराब हुए कुछ ही घंटों में पटना, सिलीगुड़ी, असम और कोलकाता जैसे बड़े बाजारों तक पहुँच सकेगी, जिससे किसानों को अपनी फसल का सीधा और बेहतर दाम मिलेगा।
इलाके को होने वाले 5 बड़े फायदे
हादसों से मुक्ति और सुरक्षित सफर: सिंगल लेन होने के कारण इस रूट पर होने वाले आमने-सामने के भीषण एक्सीडेंट्स पर अब पूरी तरह रोक लगेगी। डिवाइडर युक्त आधुनिक फोरलेन से सफर सुरक्षित और सुगम होगा।
पटना से कोसी-सीमांचल की सुपरफास्ट कनेक्टिविटी: पटना से बेगूसराय के बाद अब खगड़िया से पूर्णिया तक निर्बाध फोरलेन मिलने से राजधानी और सीमांचल के बीच की दूरी घंटों में सिमट जाएगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की भारी बचत होगी।स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार: ₹4000 करोड़ के इस विशाल निर्माण कार्य के दौरान हजारों स्थानीय युवाओं और तकनीकी कार्यबलों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। वहीं, सड़क के दोनों ओर नए ढाबे, पेट्रोल पंप, लॉजिस्टिक्स हब और कोल्ड स्टोरेज विकसित होने से स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
इमरजेंसी में जीवन रक्षा: आपातकालीन या गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों में मरीजों को बेहतर इलाज के लिए पूर्णिया मेडिकल कॉलेज या पटना एम्स ले जाना बेहद आसान और तेज हो जाएगा।शिक्षा और व्यापार का विस्तार: इस क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के प्रमुख केंद्रों तक आने-जाने में सहूलियत होगी, साथ ही नए व्यापारिक गलियारे विकसित होंगे।
एडवांस प्लानिंग से काम में नहीं होगी देरी सांसद राजेश वर्मा ने बताया कि इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसका टेंडर प्रशासनिक स्तर पर पहले ही निकाला जा चुका है। चूंकि प्री-प्लानिंग और कागजी औपचारिकताएं पूरी हैं, इसलिए कैबिनेट की हरी झंडी मिलते ही अब निर्माण एजेंसियां बिना किसी देरी के सीधे जमीन पर काम शुरू कर देंगी। तय समय सीमा के भीतर इस विश्वस्तरीय फोरलेन का निर्माण पूरा कर इसे जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।

एसडीएफ न्यूज ब्यूरो,बिहार













