एसडीएफ न्यूज ब्यूरो,खगड़िया
जिला मुख्यालय स्थित बलुआही ठाकुरबाड़ी में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय जनता दल की संगठनात्मक बैठक में पूरा माहौल राजनीतिक गर्मी से सराबोर रहा। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, जिला अध्यक्ष, सभी प्रकोष्ठों के जिलाध्यक्ष, प्रखंड, नगर, पंचायत और वार्ड स्तर तक के पदाधिकारी तथा सैकड़ों कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
बैठक की अध्यक्षता राजद जिलाध्यक्ष मनोहर कुमार यादव ने की, जबकि खगड़िया जिला प्रभारी पूर्व विधायक डॉ. एज्या यादव की उपस्थिति ने बैठक को और अधिक राजनीतिक रूप से धारदार बना दिया। संचालन नगर अध्यक्ष चंद्रशेखर कुमार ने किया।
बैठक में आगामी 9 जून को सभी प्रखंड मुख्यालयों पर और 17 जून को जिला मुख्यालय पर प्रस्तावित विशाल धरना-प्रदर्शन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। नेताओं ने इसे जनसंघर्ष का निर्णायक चरण बताते हुए कार्यकर्ताओं से गांव-गांव तक आंदोलन की आवाज पहुंचाने का आह्वान किया।
डॉ. एज्या यादव ने केंद्र और बिहार सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और पेपर लीक जैसी समस्याओं ने आम जनता और युवाओं की कमर तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और खाद्य सामग्री के लगातार बढ़ते दामों ने मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों की जिंदगी मुश्किल कर दी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने में लगी है। डॉ. यादव ने यह भी कहा कि इसी रणनीति के तहत राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव और आवास संबंधी कार्रवाई की जा रही है।
जिलाध्यक्ष मनोहर कुमार यादव ने कहा कि ‘डबल इंजन सरकार’ के दावों के बावजूद बिहार में उद्योग-धंधे ठप हैं और राज्य का खजाना खाली हो चुका है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी चरम पर है और कानून-व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है, लेकिन सरकार जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि राजद कार्यकर्ता जनता की आवाज को बुलंद करने के लिए संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे, चाहे इसके लिए जेल भी क्यों न जाना पड़े। बैठक में यह भी संकल्प लिया गया कि 9 और 17 जून के धरना-प्रदर्शन को ऐतिहासिक बनाया जाएगा और हर स्तर पर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में मौजूद वरिष्ठ नेताओं ने भी एक स्वर में सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन तेज करने का आह्वान किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया और माहौल ‘जनसंघर्ष’ के नारों से गूंजता रहा।

















