एसडीएफ न्यूज ब्यूरो,खगड़िया
इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में शुक्रवार को शहर में मुहर्रम का ताजिया जुलूस पूरी अकीदत और शांतिपूर्ण माहौल में निकाला गया।राजेंद्र चौक से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से गुजरता हुआ जुलूस कर्बला पहुंचकर संपन्न हुआ।इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम दिखे।
जुलूस में हजारों की संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए।’या हुसैन’ के नारों के बीच लोग मातम करते हुए चल रहे थे।खास बात यह रही कि जुलूस को देखने के लिए बड़ी संख्या में गैर-मुस्लिम समुदाय के लोग भी सड़कों पर मौजूद थे।कई जगहों पर हिंदू समाज के लोगों द्वारा शरबत और पानी की सबील लगाई गई थी।
जुलूस को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में था।SP भानु प्रताप सिंह और SDO धनंजय कुमार के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था।ड्रोन कैमरे से पूरे जुलूस की निगरानी की जा रही थी।संवेदनशील स्थानों पर मजिस्ट्रेट के साथ अतिरिक्त फोर्स लगाई गई थी।बिजली,पानी और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मुस्तैद थी।
मौके पर पहुंचे पूर्व एमएलसी प्रत्याशी सह राजद जिलाध्यक्ष मनोहर यादव ने कहा,खगड़िया की पहचान इसकी गंगा-जमुनी तहजीब है।यहां सभी समाज के लोग एकजुट होकर पर्व-त्योहार मनाते हैं।प्रशासन ने भी बेहतरीन व्यवस्था की है।राजद जिलाध्यक्ष मनोहर कुमार यादव ने कहा कि आज हमलोग मुहर्रम के ताजिया जुलूस में शामिल होकर शांति पूर्वक ताजिया जुलूस को सम्पन्न कराया।
उन्होंने कहा कि,जिला शांति समिति की बैठक में जिला पदाधिकारी विक्रम विरकर से कहा था कि खगड़िया में हम हिन्दू-मुस्लिम मिलकर सभी पर्व शांतिपूर्ण तरीके से मनाते हैं।चाहे मुहर्रम हो,ईद हो या होली हो सभी पर्व मिल-जुलकर मानते हैं और खगड़िया में मुहर्रम जुलूस भी शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न होगा।खगड़िया जिला में राजद के सभी कार्यकर्ता मुहर्रम के तजिया जुलूस में शामिल होकर जिला प्रशासन का सहयोग करेगें और मुहर्रम का तजिया जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न होगा।
उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म में मुहर्रम का महीना इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना होता है।इस्लाम में मुहर्रम में सिर्फ नए साल का प्रतीक नहीं है,बल्कि इसे त्याग,बलिदान,समर्पण, न्याय और सच्चाई याद दिलाने वाला महीना माना जाता है।इस्लाम में इस महीने को पवित्र महीनों में से एक माना जाता है।
श्री यादव ने कहा कि,मुहर्रम के दसवें दिन को आशूरा कहते हैं।इस दिन पैंगबर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत को याद किया जाता है।मुहर्रम की 10वीं तारीख यानी यौम-ए-आशूरा को इमाम हुसैन शहीद हुए थे।इसलिए मुहर्रम का यह दिन खास है।इस दिन दुनिया भर के मुस्लिम लोग कर्बला की याद में रोजा रखते हैं।दुआ-इबादत और शोक व्यक्त करते हैं।इस्लाम में इसे गम का महीना के रूप में मनाया जाता है।इस महीने की 10वीं तारीख को आशूरा कहते हैं।इस दिन इमाम हुसैन की शहादत को याद करके दुनियाभर में शिया मुस्लिम मुहर्रम मनाते हैं।
नगर परिषद उपसभापति प्रतिनिधि शहाबुद्दीन ने कहा, जिला प्रशासन और नगर परिषद के संयुक्त प्रयास से जुलूस शांतिपूर्ण संपन्न हुआ।साफ-सफाई से लेकर बैरिकेडिंग तक के सभी इंतजाम चाक- चौबंद थे।यह खगड़िया की एकता का प्रतीक है।
पूर्व एमएलसी प्रत्याशी सह राजद जिलाध्यक्ष मनोहर कुमार यादव,पूर्व वार्ड पार्षद मोहम्मद साहब उद्दीन,पूर्व वार्ड पार्षद सह राजद जिला मीडिया प्रभारी रणवीर कुमार,मोहम्मद नसीम उर्फ लंबू,मोहम्मद दिलशाद, मोहम्मद मुबारक आदि ने हाजीपुर ताजिया जुलूस में शामिल होकर गंगा जमुना की तहजीब की मिशाल पेश की और शांतिपूर्ण ढंग से ताजिया जुलूस को सम्पन्न कराया।ताजिया जुलूस में सैंकड़ों की संख्या में युवा शामिल होकर अपना करतब दिखा रहे थे।
देर शाम तक जुलूस के सभी ताजिये कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक कर दिए गए।पुलिस के अनुसार, पूरे आयोजन के दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।

एसडीएफ न्यूज ब्यूरो,खगड़िया












