एसडीएफ न्यूज़ ब्यूरो,पटना/खगड़िया
कोसी-सीमांचल और अंग क्षेत्र की जीवनरेखा माने जाने वाले विक्रमशिला पुल को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। सितंबर माह से प्रस्तावित स्थायी निर्माण कार्य और बेली ब्रिज हटाने की योजना ने लाखों लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर जनहित में बड़ा आग्रह किया है। सांसद ने मांग की है कि पुल पर स्थायी निर्माण कार्य फिलहाल स्थगित किया जाए और इसे बिहार के लोकआस्था के सबसे बड़े पर्व छठ के बाद, यानी दिसंबर महीने से शुरू कराया जाए।
सांसद ने अपने पत्र में स्पष्ट कहा है कि सितंबर से नवंबर तक गंगा नदी का जलस्तर उफान पर रहता है। यदि इसी दौरान पुल पर आवागमन बाधित होता है, तो लाखों लोगों को मजबूरी में नाव और अन्य जोखिम भरे साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है। इससे जान-माल का खतरा बढ़ेगा और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि यही समय दुर्गा पूजा, दीपावली, भाईदूज और बिहार के सबसे बड़े लोकआस्था के पर्व छठ का भी होता है। इन त्योहारों में लाखों लोग अपने घर लौटते हैं। ऐसे समय यदि विक्रमशिला पुल पर यातायात प्रभावित हुआ, तो मरीजों के इलाज, विद्यार्थियों की पढ़ाई, किसानों की फसल, व्यापारियों के कारोबार और आम नागरिकों की आवाजाही पर गंभीर असर पड़ेगा।
सांसद राजेश वर्मा ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि विक्रमशिला पुल केवल भागलपुर का पुल नहीं, बल्कि पूरे कोसी-सीमांचल और अंग क्षेत्र की लाइफलाइन है। यह पुल भागलपुर को खगड़िया, नवगछिया, कटिहार, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल और अररिया सहित कई महत्वपूर्ण जिलों से जोड़ता है। प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन और लाखों लोग इसी पुल के माध्यम से आवागमन करते हैं। ऐसे में त्योहारी सीजन में पुल बंद होने का असर पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और जनजीवन पर पड़ सकता है।
सांसद ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि सरकार जनभावनाओं और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुल के स्थायी निर्माण कार्य को दिसंबर माह तक स्थगित करे। उनका कहना है कि दिसंबर तक गंगा का जलस्तर भी सामान्य हो जाएगा और त्योहारी सीजन समाप्त होने के बाद निर्माण कार्य बिना किसी बड़ी परेशानी के पूरा कराया जा सकेगा।
अब सभी की निगाहें राज्य सरकार के फैसले पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या सरकार करोड़ों लोगों की आस्था, सुविधा और जनहित को प्राथमिकता देते हुए विक्रमशिला पुल के निर्माण कार्य की समय-सीमा में बदलाव करेगी, या फिर त्योहारों के बीच कोसी-सीमांचल की सबसे बड़ी लाइफलाइन पर रफ्तार थम जाएगी। यह फैसला आने वाले दिनों में लाखों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और त्योहारों की यात्रा को सीधे प्रभावित करेगा।

एसडीएफ न्यूज़ ब्यूरो,पटना/खगड़िया












