एसडीएफ न्यूज ब्यूरो,खगड़िया
परबत्ता विधानसभा क्षेत्र ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यह अब केवल एक क्षेत्र नहीं, बल्कि एक अभेद्य किला बन चुका है,जहाँ से विपक्ष को न घुसने की जगह मिल रही है और न टिकने की।इसका कारण है जनता का अटूट विश्वास और विधायक डॉ. संजीव कुमार का जनसंपर्क,जनसेवा और नेतृत्व क्षमता।
खराब मौसम और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद कल ही हुए कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ ने यह साफ कर दिया कि जनता अब पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है।डॉ. संजीव कुमार ने अपने पाँच वर्षीय कार्यकाल में किसानों,युवाओं और बुजुर्गों से जुड़े मुद्दों को न केवल मुखरता से उठाया,बल्कि विधानसभा में सरकार के सामने मजबूती से रखा और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास किया।यही वजह है कि हर तबका,हर वर्ग, हर इलाका अपने विधायक पर गर्व करता है।राजद में उनके शामिल होने से उनकी राजनीतिक किलेबंदी और भी मजबूत हुई है और विरोधियों के लिए अब परबत्ता की राजनीति में जगह बनाना लगभग असंभव होता जा रहा है।स्थानीय लोग कहते हैं कि परबत्ता की राजनीति का पर्याय बन चुके डॉ. संजीव कुमार ने यह साबित कर दिया है कि सच्ची नीयत और मजबूत नेतृत्व से कुछ भी हासिल किया जा सकता है।
जनता का विश्वास उनकी सबसे बड़ी ताक़त है और इसी विश्वास ने परबत्ता को अभेद्य बना दिया है।आज परबत्ता की गलियों से लेकर खेत-खलिहानों तक,गोगरी से लेकर हर गाँव तक यही स्वर गूंज रहा है कि,डॉ. संजीव कुमार हैं,तो कुछ भी संभव है।”

परबत्ता विधानसभा क्षेत्र ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यह अब केवल एक क्षेत्र नहीं, बल्कि एक अभेद्य किला बन चुका है,जहाँ से विपक्ष को न घुसने की जगह मिल रही है और न टिकने की।इसका कारण है जनता का अटूट विश्वास और विधायक डॉ. संजीव कुमार का जनसंपर्क,जनसेवा और नेतृत्व क्षमता।
खराब मौसम और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद कल ही हुए कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ ने यह साफ कर दिया कि जनता अब पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है।डॉ. संजीव कुमार ने अपने पाँच वर्षीय कार्यकाल में किसानों,युवाओं और बुजुर्गों से जुड़े मुद्दों को न केवल मुखरता से उठाया,बल्कि विधानसभा में सरकार के सामने मजबूती से रखा और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास किया।यही वजह है कि हर तबका,हर वर्ग, हर इलाका अपने विधायक पर गर्व करता है।राजद में उनके शामिल होने से उनकी राजनीतिक किलेबंदी और भी मजबूत हुई है और विरोधियों के लिए अब परबत्ता की राजनीति में जगह बनाना लगभग असंभव होता जा रहा है।स्थानीय लोग कहते हैं कि परबत्ता की राजनीति का पर्याय बन चुके डॉ. संजीव कुमार ने यह साबित कर दिया है कि सच्ची नीयत और मजबूत नेतृत्व से कुछ भी हासिल किया जा सकता है।
जनता का विश्वास उनकी सबसे बड़ी ताक़त है और इसी विश्वास ने परबत्ता को अभेद्य बना दिया है।आज परबत्ता की गलियों से लेकर खेत-खलिहानों तक,गोगरी से लेकर हर गाँव तक यही स्वर गूंज रहा है कि,डॉ. संजीव कुमार हैं,तो कुछ भी संभव है।”













