एसडीएफ न्यूज,ब्यूरो खगड़िया
खगड़िया नगर परिषद में विकास की तस्वीर अब सिर्फ कंक्रीट की सड़कों और इमारतों तक सीमित नहीं रही। नगर सभापति अर्चना कुमारी ने विकास को विरासत और पर्यावरण से जोड़ते हुए एक ऐसी पहल की है, जिसकी पूरे शहर में चर्चा हो रही है। वार्ड संख्या–07, तांती टोला मथुरापुर में वर्षों से उपेक्षित पड़े दो ऐतिहासिक कुओं का जीर्णोद्धार कर उन्हें नया जीवन दिया गया है।ये कुएँ कभी इस क्षेत्र के लोगों के जीवन का प्रमुख जल स्रोत हुआ करते थे। समय के साथ उपेक्षा और जर्जर स्थिति के कारण ये अपनी पहचान खो चुके थे। लेकिन अब इनका स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। मजबूत संरचना, सुरक्षित घेराबंदी और स्वच्छ परिवेश के साथ ये कुएँ फिर से उपयोग के योग्य हो गए हैं।
नगर सभापति अर्चना कुमारी के स्पष्ट निर्देश पर दोनों कुओं के जीर्णोद्धार पर समान रूप से ₹2,55,400 की राशि खर्च की गई है। यह कार्य केवल निर्माण नहीं, बल्कि जल-संचय, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहर को बचाने की सोच का परिणाम है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए जल-सुरक्षा का संदेश है। जल संकट के दौर में पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है। लोगों ने कहा कि नगर परिषद में पहली बार विकास और विरासत को एक साथ धरातल पर उतारा गया है।
उद्घाटन के अवसर पर वार्ड पार्षद रंजीत कुमार, पप्पू यादव, राजकरण कुमार, विकास कुमार, गोलू कुमार, राजकिशोर महतो, नितेश कुमार, सिंटू कुमार, रवि कुमार, रोहित कुमार सहित दर्जनों स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने नगर सभापति के नेतृत्व की सराहना करते हुए इसे दूरदर्शी कदम बताया।
इस मौके पर नगर सभापति अर्चना कुमारी ने कहा कि –
“हमारे पूर्वजों द्वारा बनाए गए जल स्रोत आज भी हमें जीवन का रास्ता दिखाते हैं। इनका संरक्षण केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि भविष्य के प्रति हमारा कर्तव्य है।”

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