एसडीएफ न्यूज ब्यूरो,खगड़िया
खगड़िया की धरती से बिहार अधिकार यात्रा के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने हजारों की भीड़ के सामने नीतीश कुमार और डबल इंजन सरकार पर सीधा वार किया।तेजस्वी ने कहा कि आज बिहार का हर नौजवान, हर किसान, हर गरीब और हर मां-बहन ठगा हुआ महसूस कर रही है क्योंकि बीस साल की डबल इंजन सरकार ने बिहार को बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अपराध और भूखमरी की तरफ धकेल दिया है।उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार थके हुए मुख्यमंत्री हैं जो अब सिर्फ तेजस्वी की नकल कर रहे हैं।जब हमने 2020 में कहा था कि दस लाख नौकरियां देंगे तो उन्होंने मजाक उड़ाते हुए कहा था कि पैसा कहां से आएगा,तेजस्वी अपने बाप से पैसा लाएगा।लेकिन जब महागठबंधन की सरकार बनी और सत्रह महीने तक चली,तब हमने पांच लाख नौकरियां दीं,साढ़े तीन लाख पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की और नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दिलवाया।इतिहास गवाह है कि हमने जो कहा वो किया और नीतीश कुमार वही काम अब अधूरा करके जनता को गुमराह कर रहे हैं।
तेजस्वी ने कहा कि हमने पेंशन 1500 रुपये करने की बात की थी,लेकिन चाचा जी ने घटाकर सिर्फ 1100 रुपये किया।हमने 200 यूनिट फ्री बिजली की योजना बनाई थी लेकिन इन्होंने 125 यूनिट देकर जनता को छल लिया।ऊपर से स्मार्ट मीटर के नाम पर लूट मचाई जा रही है।ये स्मार्ट मीटर नहीं, चीटर मीटर है और मुख्यमंत्री भी चीट मिनिस्टर हैं।उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार और भाजपा की डबल इंजन सरकार मां-बहनों को धोखा दे रही है।हमने माई-बहिन योजना के तहत 2500 रुपये देने की घोषणा की थी,लेकिन इन्होंने चुनाव के समय दस हजार रुपये उधार देने का झूठा वादा किया और कहा कि चुनाव के बाद समीक्षा करेंगे कि किसको पैसा देना है और किसको नहीं।इससे बड़ा धोखा और क्या हो सकता है?
तेजस्वी ने भीड़ से सवाल किया कि क्या शराबबंदी का कानून गरीबों के खिलाफ नहीं है?थाने वाले गरीब और दलित-पिछड़ों को जेल भेजते हैं,लेकिन अमीर लोग शराब पीते हैं,उन्हें कोई छूता भी नहीं।गरीब का कानून अलग,अमीर का कानून अलग – यही है नीतीश सरकार का सच।उन्होंने कहा कि लालू जी के समय गरीबों को अधिकार मिला था,आज के समय गरीबों का अधिकार छीन लिया गया है।
तेजस्वी ने माताओं और बहनों से सीधी अपील की और कहा कि आप बताइए – क्या आपके बच्चों को नौकरी मिलनी चाहिए या नहीं?क्या बिहार के नौजवानों को रोजगार चाहिए या नहीं?अगर नौकरी चाहिए तो एक बार तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनाइए,क्योंकि तेजस्वी जो कहता है वो करता है,जिसके पास डिग्री होगी उसको नौकरी की गारंटी दी जाएगी।उन्होंने कहा कि जब हमारी सरकार बनेगी तो यह सरकार होगी दवाई, सुनवाई और करवाई वाली सरकार।
तेजस्वी ने कहा कि जनता को अब फैसला करना है कि बिहार को असली मुख्यमंत्री चाहिए या डुप्लीकेट मुख्यमंत्री,ईमानदार सरकार चाहिए या पलटीमार सरकार।उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बीस साल में बिहार को धोखा दिया है,लेकिन अब समय आ गया है कि बिहार की जनता बदलाव करे,न्याय के साथ विकास करे और गरीब, दलित, पिछड़ों को उनका हक दिलाए।खगड़िया की इस धरती से मैं यह ऐलान करता हूं कि अगर जनता मुझे मुख्यमंत्री बनाएगी तो बिहार का हर बच्चा नौकरी पाएगा,हर गरीब का हक वापस दिलाया जाएगा और हर मां-बहन का मान-सम्मान सुरक्षित रहेगा।

खगड़िया की धरती से बिहार अधिकार यात्रा के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने हजारों की भीड़ के सामने नीतीश कुमार और डबल इंजन सरकार पर सीधा वार किया।तेजस्वी ने कहा कि आज बिहार का हर नौजवान, हर किसान, हर गरीब और हर मां-बहन ठगा हुआ महसूस कर रही है क्योंकि बीस साल की डबल इंजन सरकार ने बिहार को बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अपराध और भूखमरी की तरफ धकेल दिया है।उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार थके हुए मुख्यमंत्री हैं जो अब सिर्फ तेजस्वी की नकल कर रहे हैं।जब हमने 2020 में कहा था कि दस लाख नौकरियां देंगे तो उन्होंने मजाक उड़ाते हुए कहा था कि पैसा कहां से आएगा,तेजस्वी अपने बाप से पैसा लाएगा।लेकिन जब महागठबंधन की सरकार बनी और सत्रह महीने तक चली,तब हमने पांच लाख नौकरियां दीं,साढ़े तीन लाख पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की और नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दिलवाया।इतिहास गवाह है कि हमने जो कहा वो किया और नीतीश कुमार वही काम अब अधूरा करके जनता को गुमराह कर रहे हैं।
तेजस्वी ने कहा कि हमने पेंशन 1500 रुपये करने की बात की थी,लेकिन चाचा जी ने घटाकर सिर्फ 1100 रुपये किया।हमने 200 यूनिट फ्री बिजली की योजना बनाई थी लेकिन इन्होंने 125 यूनिट देकर जनता को छल लिया।ऊपर से स्मार्ट मीटर के नाम पर लूट मचाई जा रही है।ये स्मार्ट मीटर नहीं, चीटर मीटर है और मुख्यमंत्री भी चीट मिनिस्टर हैं।उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार और भाजपा की डबल इंजन सरकार मां-बहनों को धोखा दे रही है।हमने माई-बहिन योजना के तहत 2500 रुपये देने की घोषणा की थी,लेकिन इन्होंने चुनाव के समय दस हजार रुपये उधार देने का झूठा वादा किया और कहा कि चुनाव के बाद समीक्षा करेंगे कि किसको पैसा देना है और किसको नहीं।इससे बड़ा धोखा और क्या हो सकता है?
तेजस्वी ने भीड़ से सवाल किया कि क्या शराबबंदी का कानून गरीबों के खिलाफ नहीं है?थाने वाले गरीब और दलित-पिछड़ों को जेल भेजते हैं,लेकिन अमीर लोग शराब पीते हैं,उन्हें कोई छूता भी नहीं।गरीब का कानून अलग,अमीर का कानून अलग – यही है नीतीश सरकार का सच।उन्होंने कहा कि लालू जी के समय गरीबों को अधिकार मिला था,आज के समय गरीबों का अधिकार छीन लिया गया है।













