एसडीएफ न्यूज ब्यूरो, खगड़िया
कुछ लोग पद, पहचान या पुरस्कार से नहीं, बल्कि अपने कर्म और चरित्र से पहचाने जाते हैं। राजेश कुमार ‘प्रिंस’ ऐसे ही व्यक्तित्व थे, जिनका जीवन शिक्षा, खेल, सेवा और संस्कार का दुर्लभ संगम था।
उनका असमय जाना केवल एक व्यक्ति का निधन नहीं, बल्कि खगड़िया के सामाजिक और बौद्धिक इतिहास की एक अमूल्य कड़ी का टूट जाना है।
छात्र जीवन से ही प्रिंस असाधारण प्रतिभा के धनी थे।कोसी कॉलेज से लेकर पटना विश्वविद्यालय तक उन्होंने शैक्षणिक उत्कृष्टता की मिसाल कायम की। खेल के मैदान में वे सिर्फ एक फुटबॉलर नहीं, बल्कि टीम को दिशा देने वाले लीडर थे।
खगड़िया जिला फुटबॉल टीम से विभिन्न जिलों में खेलते हुए उन्होंने अनुशासन, समर्पण और खेल भावना का परिचय दिया।
समाज सेवा उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा थी।2003 और 2007 की विनाशकारी बाढ़ के दौरान, जब पूरा इलाका त्राहिमाम कर रहा था, तब प्रिंस युवा शक्ति के माध्यम से पीड़ित परिवारों तक भोजन और वस्त्र पहुंचाने के लिए स्वयं आगे आए। उन्होंने यह सिद्ध किया कि सच्ची सेवा प्रचार की मोहताज नहीं होती।
सरकारी सेवा में भी उनका सफर प्रेरणादायी रहा। ब्लॉक स्तर से लेकर डीसीएम जैसे महत्वपूर्ण पदों तक पहुंचकर उन्होंने प्रशासन को केवल कार्यालय तक सीमित नहीं रखा, बल्कि समाज परिवर्तन का माध्यम बनाया। उनके मार्गदर्शन में अनेक युवा मुखिया, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी बने, जो आज भी उनके विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं।
खगड़िया जिला फुटबॉल एसोसिएशन द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभा में युवा शक्ति के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नागेंद्र सिंह त्यागी ने कहा कि प्रिंस मानवता को जीने वाले इंसान थे। उन्होंने कहा कि प्रिंस जैसे व्यक्तित्व का जाना खगड़िया के लिए अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं।
सभा की अध्यक्षता पूर्व नगर उपसभापति सुनील कुमार पटेल ने की। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जिनसे 31 दिसंबर को नववर्ष की शुभकामनाओं के साथ लंबी बातचीत हुई, उनके निधन की खबर अगले ही सुबह मिलना किसी वज्रपात से कम नहीं था। प्रिंस जहां भी रहे, खगड़िया लौटते ही बच्चों और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करते रहे।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए जिला फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष अभय कुमार गुड्डू ने प्रिंस के विचारों को साझा करते हुए कहा कि वे हमेशा कहते थे—“पढ़ाई केवल पास होने या टॉप करने के लिए नहीं, बल्कि बेहतर इंसान बनने और इतिहास रचने के लिए होनी चाहिए।”
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, खिलाड़ियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि राजेश कुमार ‘प्रिंस’ हमारे लिए सिर्फ कल के हीरो नहीं थे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का प्रकाश स्तंभ बने रहेंगे।

एसडीएफ न्यूज ब्यूरो, खगड़िया













