एसडीएफ न्यूज ब्यूरो,खगड़िया
खगड़िया में जमीन के नाम पर ऐसा-ऐसा फर्जीवाड़ा किया गया है,जिसे जानकर हर कोई हतप्रभ है।अलौली के दहमा, खगड़िया के माड़र,भदास और बछौता मामले की तफ्तीश तो अभी हो ही रही है,लेकिन डीएवी स्कूल के समीप स्थित एक विवादित भूखंड का मामला खासे सुर्खियों में है।
हालांकि सबसे पहले एक गंभीर आशंका सामने आ रही है कि जमीन विवाद के खुलासे और बढ़ते कानूनी दबाव के बीच ‘सुरो’के साथ किसी अनहोनी की कोशिश हो सकती है।ऐसा उसके बेटे और सौदा कराने वाले बिचौलियों द्वारा किए जाने की आशंका उनके ही शागिर्दों द्वारा जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि कई कागज़ों पर सुरो का बेटा गवाह के रूप में दर्ज है और अधिकांश एग्रीमेंट में बिचौलियों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं।साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि जमीन खरीदने वाले लोग सीधे सुरो के संपर्क में नहीं थे,बल्कि वे उसके बेटे और बिचौलियों के संपर्क में थे तथा रकम का लेन-देन भी उन्हीं लोगों के माध्यम से हुआ था।
अब पूरा मामला समझिए…
जिले में सामने आया कथित जमीन लेन-देन विवाद कई चौंकाने वाले तथ्यों के साथ सामने आ रहा है।आरोप है कि जिस जमीन की खरीद-फरोख्त कर करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया,वह जमीन सरकारी रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से मौजूद ही नहीं बताई जा रही है।
राजस्व पदाधिकारी (RO)की रिपोर्ट में जमीन के विवरण को स्पष्ट नहीं माना गया और अभिलेखीय व स्थलीय जांच की जरूरत बताई गई।वहीं सूचना के अधिकार (RTI) से प्राप्त जवाब में भी संबंधित भूमि का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है।इसके बावजूद अंचलाधिकारी (CO) की रिपोर्ट में नामांतरण स्वीकृत कर दिया गया,जिसे लेकर रिपोर्ट को गोल-मोल और विरोधाभासी बताया जा रहा है।
आरोप है कि एक ही जमीन को बार-बार अलग-अलग लोगों के नाम रजिस्ट्री कर दी गई,जबकि आधार भूमि का अस्तित्व ही संदेह के घेरे में है।सभी रजिस्ट्री सीधे सुरो द्वारा कराई गई बताई जा रही है,जिससे कानूनी जिम्मेदारी उसी पर आने की स्थिति बनती दिख रही है।खरीदारों का कहना है कि उनका सुरो से सीधा संपर्क नहीं था।सौदा तय करने,रकम लेने-देने और पूरी प्रक्रिया संचालित करने का काम सुरो के बेटे और बिचौलियों के माध्यम से हुआ तथा भुगतान के बाद रजिस्ट्री कराई गई।इससे लेन-देन की वास्तविक भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
जैसे-जैसे मामला खुल रहा है और पैसा वापसी व संभावित कुर्की की चर्चा बढ़ रही है,वैसे- वैसे यह आशंका जताई जा रही है कि कहीं पूरे प्रकरण का दोष अकेले सुरो पर डालने की कोशिश न हो।’सुरो’को जानने वाले लोगों का कहना है कि सुरो न तो गंभीर रुप से बीमार है और न ही किसी असामान्य स्थिति में बताया जा रहा है।ऐसे में यदि भविष्य में उसके साथ कोई अप्राकृतिक घटना मसलन, दुर्घटना,आत्महत्या या संदिग्ध मृत्यु होती है,तो उसे सामान्य घटना मानने के बजाय निष्पक्ष आपराधिक जांच की मांग उठेगी।
बहरहाल,हमारी टीम ने जब इस मामले को लेकर खगड़िया के वरिष्ठ अधिवक्ता से बात की तो उन्होंने साफ कहा कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो सुरो, उसके बेटे और बिचौलियों की संपत्ति जब्त कर जमीन खरीदने वाले लोगों को पैसा लौटाना पड़ सकता है।साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार और आम लोगों के साथ धोखाधड़ी का मामला दर्ज होने की स्थिति में सभी संबंधित लोगों की लंबी जेल यात्रा भी तय है!!















