एसडीएफ न्यूज ब्यूरो,खगड़िया
खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड के कोसी तटबंध में किसानों की खुशहाली लौटाने के लिए मानव सेवा संस्थान ‘सेवा’ ने शुरू किया है एक वृहद अभियान, जिसका नाम है ‘कोसी सहजीवन कार्यक्रम’, जिसमें 18 गांवों के किसानों को जायद मक्का, साइलेज तकनीक और वैज्ञानिक पशुपालन से जोड़ा जा रहा है।
इस अभियान के तहत किसानों को शॉर्ट ड्यूरेशन मक्का की किस्में सिखाई जा रही हैं, जिन्हें 90–100 दिन में काटकर बाढ़ से पहले सुरक्षित किया जा सके, वहीं हरी मक्का से साइलेज बनाने की तकनीक से बाढ़ के समय पशुओं के लिए पौष्टिक चारा सुनिश्चित किया जा रहा है। फॉल आर्मी वर्म और तना सड़न जैसी समस्याओं से बचाव के लिए कोराजेन और ट्राइकोडर्मा का प्रयोग भी सिखाया जा रहा है और किसानों को ‘एक फसल’ की बजाय बहुफसली मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे मक्का के साथ सब्जी या मूंग जैसी फसलें उगाकर कम समय में अधिक लाभ हासिल किया जा सके।
23 फरवरी को डुमरी पंसलवा में 52 लीड किसानों को इंटरक्रॉपिंग तकनीक और मक्का प्रबंधन के व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, वहीं गवास और पचठ पंचायत में 121 पशुपालकों को 80 मिनरल ब्रिक्स वितरित किए गए और जायद मक्का के चारे के साथ पशु पोषण के महत्व को समझाया गया।
अब तक 18 बैचों के माध्यम से 800 से अधिक किसान और पशुपालक प्रशिक्षित किए जा चुके हैं। कार्यक्रम प्रभारी कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि अगर बाढ़ से पहले मक्का काटकर उसका साइलेज बना लिया जाए तो यह खेती और पशुपालन दोनों के लिए सुरक्षा कवच बन सकता है और 27 फरवरी तक बेलदौर के सभी 18 गांवों में इस ‘जायद क्रांति’ को पहुंचाना लक्ष्य है।
कन्हाई तिवारी, संतोष कुमार, राज कमल आनंद, मोंटी, अरुण और उग्रसेन की टीम रोहियामा, गांधी नगर, इतमादी, बलैठा, माली, कंजरी, मुरासी, बीरा, गवास और पचठ सहित सभी गांवों में किसानों को प्रशिक्षण दे रही है। इस अभियान से किसान बाढ़ के समय भी आर्थिक रूप से मजबूत रहेंगे, उनकी पशुपालन गतिविधियां सुरक्षित रहेंगी और कोसी तटबंध क्षेत्र में खुशहाली की नई लहर दौड़ेगी।

एसडीएफ न्यूज ब्यूरो,खगड़िया













