एसडीएफ न्यूज ब्यूरो,खगड़िया
बिहार सरकार के शराबबंदी और लॉटरी बैन के दावों की पोल खोल रहा है खगड़िया का सन्हौली दुर्गा मंदिर चौक।आरोप है कि यहां सुबह से देर रात तक लॉटरी टिकट,गांजा और नशीली गोलियों का अवैध कारोबार खुलेआम होता आ रहा है।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चित्रगुप्तनगर थाने की गश्ती गाड़ी रोजाना इस चौक से गुजरती है और रैक प्वाइंट पर रुकती भी है,फिर भी कारोबारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
स्थानीय लोगों के मुताबिक चौक पर लॉटरी का अवैध धंधा दिन में तीन बार चलता है अर्थात दोपहर 12 बजे,शाम 5 बजे और रात 7 बजे।दस रुपए के टिकट पर 1 लाख रुपए का इनाम का लालच देकर दिहाड़ी मजदूरों और रिक्शा चालकों को फंसाया जाता है।अनुमान है कि रोजाना 3 से 4 लाख रुपए का लॉटरी कारोबार होता है।बताया जा रहा है कि,सिर्फ सन्हौली चौक ही नहीं,दाननगर,बखरी बस स्टैंड,स्टेशन चौक,बेंजामिन चौक सहित जिले के कई अन्य चौक पर भी इस तरह का कारोबार काफी फलफूल रहा है।लेकिन,सबसे अधिक बदनाम सन्हौली का दुर्गा स्थान इसीलिए है,क्योंकि शाम होते ही यहां पर ‘नशे की मंडी’सजने लगती है और फिर शाम 6 बजे के बाद चौक का नजारा बदल जाता है।आरोप है कि यहां 50 रुपए में गांजा की पुड़िया और 20 रुपए में अल्प्राजोलम,नाइट्रोसन जैसी नशीली गोलियां खुलेआम बेची जाती हैं।स्कूल-कॉलेज के छात्र और युवा इसका सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं।महज 6 महीने में सन्हौली इलाके के 200 से ज्यादा युवा नशे की लत का शिकार हो चुके हैं।
स्थानीय लोगों का सबसे बड़ा आरोप चित्रगुप्त नगर पुलिस पर है।लोगों का कहना है कि शाम को थाने की गश्ती गाड़ी रोज चौक से गुजरती है।कई बार रैक प्वाइंट पर 1-2 मिनट रुकती भी है,लेकिन लॉटरी-नशे के कारोबार पर कोई रोक नहीं लगती।आरोप है कि ‘मंथली सेटिंग’ के कारण पुलिस जानबूझकर कार्रवाई नहीं करती।
स्थानीय लोगों का मानना है कि, इस अवैध धंधे के कारण सैकड़ों परिवार बर्बाद हो चुके हैं।कोई मजदूर अपनी कमाई लॉटरी में हार रहा है तो किसी का बेटा नशे की लत में अपराधी बन रहा है।एक पीड़ित महिला ने बताया कि उसका 19 साल का बेटा नशे के लिए घर में चोरी और मारपीट करता है।वहीं,आरोप है कि एक लॉटरी एजेंट रोज 15 हजार रुपए तक कमा रहा है।
बिहार में लॉटरी,शराब और नशीली दवाओं की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध है।बावजूद इसके, जिला मुख्यालय से महज कुछ किमी दूर सन्हौली चौक पर कानून को ठेंगा दिखाया जा रहा है।यह खगड़िया पुलिस और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा सवाल है।
बहरहाल,जब मंदिर के चौक पर नशे का बाजार सजे और पुलिस की गाड़ी सलामी देकर निकल जाए,तो समझ लीजिए कि सिस्टम सड़ चुका है।सन्हौली का यह ‘जहर’ सिर्फ एक चौक तक सीमित नहीं है… यह पूरे खगड़िया की युवा पीढ़ी को निगल रहा है।सुलगता सवाल यह है कि,खगड़िया के नव पदस्थापित SP भानु प्रताप सिंह इस ‘वर्दी वाले गठजोड़’ पर कारवाई का डंडा कब चलाएंगे?

एसडीएफ न्यूज ब्यूरो,खगड़िया












