एसडीएफ न्यूज ब्यूरो,खगड़िया
खगड़िया नगर परिषद में विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर अब सख्ती बढ़ा दी गई है।वार्ड संख्या-09 एवं वार्ड संख्या-29 में कराए गए निर्माण कार्यों में जांच के दौरान गंभीर अनियमितता सामने आने के बाद नगर सभापति अर्चना कुमारी ने कार्यपालक पदाधिकारी को पत्र भेजकर संबंधित संवेदक वरुण कुमार को नगर परिषद की निविदा प्रक्रिया से ब्लैकलिस्ट (Blacklisted) करने सहित नियमानुसार विभागीय एवं विधिक कार्रवाई प्रारंभ करने का अनुरोध किया है।
नगर सभापति ने अपने पत्र में कहा है कि दोनों योजनाओं में निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं प्राक्कलन के अनुरूप कार्य नहीं होने की शिकायत प्राप्त होने पर कनीय अभियंता,सहायक अभियंता एवं कार्यपालक अभियंता द्वारा स्थल जांच कराई गई।जांच के दौरान यह पाया गया कि संवेदक द्वारा स्वीकृत प्राक्कलन एवं विभागीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य नहीं कराया गया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर अभियंताओं ने भुगतान योग्य राशि में भारी कटौती करते हुए माप पुस्तिका(एम.बी.)तैयार की।वार्ड संख्या-09 में ₹28,57,700 की स्वीकृत योजना के विरुद्ध केवल ₹24,97,741 का कार्य ही मान्य पाया गया।वहीं वार्ड संख्या-29 में ₹34,28,600 की स्वीकृत राशि के विरुद्ध जांच के बाद केवल ₹25,93,125 का कार्य भुगतान योग्य माना गया।दोनों योजनाओं में लाखों रुपये की कटौती ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
नगर सभापति ने कहा कि यदि किसी संवेदक द्वारा सरकारी योजनाओं में स्वीकृत मानकों के अनुरूप कार्य नहीं किया जाता है तो केवल भुगतान में कटौती कर देना पर्याप्त कार्रवाई नहीं मानी जा सकती।ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई भी संवेदक जनहित से जुड़ी योजनाओं में लापरवाही अथवा घटिया निर्माण करने का साहस न कर सके।
अपने आवेदन में उन्होंने बिहार संवेदक निबंधन नियमावली, निविदा की शर्तों एवं विभागीय प्रावधानों का उल्लेख करते हुए संवेदक वरुण कुमार को नगर परिषद खगड़िया की निविदा प्रक्रिया से ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई प्रारंभ करने तथा आवश्यक विभागीय एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
नगर सभापति अर्चना कुमारी ने क्या कहा?
नगर सभापति अर्चना कुमारी ने कहा कि “नगर परिषद की प्रत्येक योजना जनता के पैसे से संचालित होती है।इसलिए गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।यदि कोई संवेदक स्वीकृत प्राक्कलन एवं विभागीय मानकों के अनुरूप कार्य नहीं करता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।हमारा उद्देश्य केवल विकास कार्य कराना नहीं,बल्कि गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करना है।नगर परिषद में पारदर्शिता एवं जवाबदेही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
कार्यपालक पदाधिकारी सिंधु कमल ने क्या कहा?
कार्यपालक पदाधिकारी सिंधु कमल ने कहा कि”नगर सभापति द्वारा प्राप्त आवेदन एवं जांच प्रतिवेदन का परीक्षण विभागीय नियमों और संविदा की शर्तों के अनुरूप किया जाएगा।उपलब्ध अभिलेखों एवं नियमों के आधार पर जो भी कार्रवाई बनती होगी,उसे नियमानुसार आगे बढ़ाया जाएगा।नगर परिषद गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।”
इधर,नगर क्षेत्र में इस कार्रवाई की व्यापक चर्चा है।स्थानीय लोगों ने नगर सभापति के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि यदि गुणवत्ताहीन निर्माण करने वाले संवेदकों पर इसी प्रकार सख्त कार्रवाई होती रही तो सरकारी योजनाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा जनता का विश्वास और मजबूत होगा।
दूसरी तरफ नगर परिषद सूत्रों के अनुसार,मामले में आगे की विभागीय प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।यदि नियमानुसार दोष सिद्ध होता है तो संबंधित संवेदक के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग, विभागीय कार्रवाई तथा आवश्यक विधिक कार्रवाई भी की जा सकती है।नगर परिषद का यह कदम जनहित, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण विकास कार्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

एसडीएफ न्यूज ब्यूरो,खगड़िया













