एसडीएफ न्यूज ब्यूरो, खगड़िया
खगड़िया:डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की निर्मम हत्या के विरोध में सोमवार को नगर परिषद खगड़िया कार्यालय पूरी तरह बंद रहा।इस दौरान नगर परिषद के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने दिवंगत अधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।साथ ही घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी एवं कठोर दंड की मांग की गई।
शोकसभा के दौरान नगर परिषद परिसर में गमगीन माहौल रहा।उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कहा कि यह घटना केवल एक अधिकारी की हत्या नहीं, बल्कि पूरे नगर निकाय तंत्र पर हमला है।यदि नगर निकायों में कार्यरत अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि स्वयं सुरक्षित नहीं रहेंगे,तो विकास कार्यों एवं जनसेवा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
नगर सभापति अर्चना कुमारी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि एक लोकसेवक की दिनदहाड़े हत्या होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।उन्होंने कहा कि सरकार को अब नगर निकायों में कार्यरत कार्यपालक पदाधिकारियों, अभियंताओं,कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर व्यापक और स्थायी नीति बनानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कुछ समय पूर्व सुल्तानगंज नगर परिषद में भी नगर निकाय से जुड़े जनप्रतिनिधि एवं कार्यपालक पदाधिकारी पर जानलेवा हमला हुआ था।यदि उस घटना से समय रहते सबक लेकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया होता,तो संभव है कि आज इस प्रकार की दुखद घटना की पुनरावृत्ति नहीं होती।अब सरकार को इस विषय को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए सभी नगर निकायों के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
नगर सभापति अर्चना कुमारी ने कहा कि नगर निकायों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि प्रतिदिन विभिन्न संवेदनशील मामलों अर्थात अतिक्रमण हटाने,अवैध निर्माण रोकने, सरकारी भूमि की रक्षा करने, कर वसूली,विकास योजनाओं के क्रियान्वयन तथा प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े कार्य करते हैं।ऐसे में कई बार उन्हें असामाजिक तत्वों का विरोध भी झेलना पड़ता है।इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
कार्यपालक पदाधिकारी सिंधु कमल ने कहा कि डेहरी की घटना ने पूरे नगर निकाय परिवार को झकझोर कर रख दिया है।उन्होंने दिवंगत कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सरकार दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करे तथा उन्हें कानून के अनुसार कठोर दंड दिलाए।साथ ही नगर निकायों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए,ताकि वे निर्भय होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
उन्होंने कहा कि नगर निकायों के अधिकारी प्रतिदिन जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेते हैं।ऐसे में यदि उनके मन में सुरक्षा को लेकर भय का वातावरण रहेगा,तो इसका प्रतिकूल असर विकास कार्यों पर पड़ेगा।इसलिए आवश्यक है कि राज्य स्तर पर सुरक्षा संबंधी स्पष्ट दिशा- निर्देश एवं प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए।
शोकसभा में उपस्थित अधिकारियों,कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने दिवंगत कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।सभी ने एक स्वर में राज्य सरकार से मांग की कि दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नगर निकायों के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
नगर परिषद परिवार ने कहा कि यह घटना पूरे नगर निकाय तंत्र के लिए एक चेतावनी है।अब समय आ गया है कि जनसेवा में लगे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा के लिए ठोस एवं प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए,ताकि वे भयमुक्त वातावरण में जनता की सेवा और विकास कार्यों का दायित्व निभा सकें।

एसडीएफ न्यूज ब्यूरो, खगड़िया















