एसडीएफ न्यूज ब्यूरो,खगड़िया
खगड़िया शहर में शायद पहली बार विकास योजनाओं में लापरवाही करने वाले संवेदकों पर इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है कि पूरे नगर में इसकी चर्चा तेज हो गई है।नगर परिषद खगड़िया ने साफ संदेश दे दिया है कि अब जनता के पैसे से होने वाले विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नगर परिषद ने शहर की चार महत्वपूर्ण सड़क और नाला निर्माण योजनाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।इतना ही नहीं,दो संवेदकों को एक साल के लिए ब्लैकलिस्ट भी कर दिया गया है।यह कार्रवाई उन संवेदकों के खिलाफ हुई है, जिन्होंने कार्यादेश मिलने के बावजूद महीनों तक काम शुरु नहीं किया और बार-बार नोटिस मिलने के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया।
जिन योजनाओं पर कार्रवाई हुई है,उनमें पोस्ट ऑफिस रोड, DAV रोड,अड्डा घाट और बेंजामिन चौक जैसे शहर के बेहद महत्वपूर्ण इलाके शामिल हैं।इन क्षेत्रों में बरसात के दौरान जलजमाव और कीचड़ की समस्या इतनी गंभीर हो जाती है कि लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो जाता है।
नगर परिषद ने लोगों को राहत देने के लिए इन योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी दी थी,लेकिन संवेदकों की लापरवाही के कारण काम शुरू ही नहीं हो सका।रद्द की गई योजनाओं में वीरेंद्र कुमार के घर से पुराने पवन लॉज होते हुए अरुण कुमार शिक्षक के घर तक PCC सड़क निर्माण योजना शामिल है।
इसके अलावा बेंजामिन चौक से आदित्य विजन,बिग बाजार होते हुए लाल बाबू स्कूल तक RCC नाला निर्माण योजना को भी रद्द कर दिया गया है।
सबसे चर्चित योजना पोस्ट ऑफिस रोड की बताई जा रही है,जहां चंद्रशेखर चौधरी के घर से श्यामलाल ट्रस्ट भवन,सुरेश मंडप होते हुए पोस्ट ऑफिस चौक तक RCC नाला निर्माण होना था।लोगों को उम्मीद थी कि बरसों पुरानी जलनिकासी की समस्या खत्म होगी,लेकिन काम शुरू नहीं होने से लोगों में भारी नाराजगी थी।
इसी तरह अड्डा घाट से टाउन थाना तक PCC सड़क निर्माण योजना भी रद्द कर दी गई है।इस सड़क के बनने से शहर के कई मोहल्लों को बड़ी राहत मिलने वाली थी।
नगर परिषद ने जिन दो संवेदकों पर बड़ी कार्रवाई की है,उनमें विक्रांत कुमार,थाना रोड खगड़िया और N&N Construction Pro-Neha Kumari,सासाराम रोहतास शामिल हैं।दोनों को एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।साथ ही संबंधित विभागों को भी इसकी सूचना भेज दी गई है, ताकि वे भविष्य में सरकारी योजनाओं में भाग नहीं ले सकें।
नगर सभापति अर्चना कुमारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि जनता उन्हें विकास कार्यों के लिए चुनती है,किसी संवेदक को बचाने के लिए नहीं।उन्होंने कहा कि जो भी संवेदक समय पर काम पूरा नहीं करेगा या जनता को परेशान करेगा,उसके खिलाफ इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
कार्यपालक पदाधिकारी सिंधु कमल ने बताया कि संवेदकों को कई बार नोटिस और अंतिम अवसर दिया गया था,लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो नियम के तहत योजनाएं रद्द करनी पड़ीं।उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन योजनाओं को जल्द दोबारा टेंडर के माध्यम से शुरू कराया जाएगा।
नगर परिषद की इस कार्रवाई के बाद शहर में एक नई बहस शुरू हो गई है।लोग इसे प्रशासन की सख्ती और जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह लापरवाह संवेदकों पर कार्रवाई होती रही तो विकास योजनाएं समय पर पूरी होंगी और जनता को उसका वास्तविक लाभ मिल सकेगा।

एसडीएफ न्यूज ब्यूरो,खगड़िया












