एसडीएफ न्यूज ब्यूरो,खगड़िया
खगड़िया नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 38 में आज एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने विकास की परिभाषा को नई दिशा दे दी। यहां सड़कों या नालों का निर्माण नहीं, बल्कि सदियों पुरानी विरासत को पुनर्जीवित करने का कार्य हुआ है।
नगर सभापति अर्चना कुमारी की दूरदर्शी पहल पर ₹2 लाख 85 हजार की लागत से एक पारंपरिक कुएं का जीर्णोद्धार कराया गया, जिसका विधिवत उद्घाटन किया गया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने इस पहल को जनसमर्थन का मजबूत संदेश दिया।
यह कुआं केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि पूर्वजों की धरोहर है, जो वर्षों से उपेक्षा का शिकार था। अब यह फिर से सुरक्षित, सुदृढ़ और उपयोगी रूप में तैयार है। इससे क्षेत्र में जल-संचय को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को पारंपरिक जल स्रोतों के महत्व का एहसास भी होगा।
उद्घाटन समारोह में वार्ड पार्षदों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्य जल-संरक्षण के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती देता है।
अपने संबोधन में नगर सभापति अर्चना कुमारी ने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में हम अपने पारंपरिक संसाधनों को भूलते जा रहे हैं, जबकि आज जल संकट के समय इन्हें पुनर्जीवित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऐसे कार्य आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले भी नगर सभापति के निर्देश पर तीन अन्य कुओं का जीर्णोद्धार किया जा चुका है, जिसे लोगों ने काफी सराहा। नगर परिषद अब अन्य वार्डों में भी पुराने कुओं और जल स्रोतों को चिन्हित कर उनके पुनरुद्धार की योजना बना रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करेगी। विकास अब केवल निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि पर्यावरण संतुलन, जल-सुरक्षा और विरासत संरक्षण की ओर भी बढ़ रहा है।
वार्ड संख्या 38 का यह कुआं अब केवल पानी का स्रोत नहीं, बल्कि एक संदेश है—
विकास वही, जो भविष्य को सुरक्षित रखे और अतीत को सम्मान दे।

एसडीएफ न्यूज ब्यूरो,खगड़िया













