SDF एक्सक्लूसिव
खगड़िया:सशक्त स्थायी समिति का चुनाव हुए अभी हफ्ता,दो हफ्ता भी नहीं बीता और नगर परिषद में नया बवंडर खड़ा हो गया।आज 12 जून को आयोजित समिति की बैठक में नवनिर्वाचित 5 सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और नगर सभापति पर गंभीर आरोप जड़ दिए।आज की बैठक में सशक्त स्थायी समिति के सदस्य शिवराज यादव,जवाहरलाल यादव,बबलू कुमार,शोभा देवी और रूबी कुमारी पहुंचे।
सामने आ रही खबर के अनुसार बैठक शुरू होते ही सदस्यों ने सभापति से साफ कहा कि, आज की बैठक का जो एजेंडा है,उसे पहले प्रस्ताव पुस्तिका पर अंकित कीजिए।हमलोग यहां उपस्थित हैं हीं,पहले प्रस्ताव लिखिए,तत्पश्चात हमलोग हस्ताक्षर कर देंगे।”
बहिष्कार करने वाले सदस्यों का आरोप है कि नगर सभापति मनमाने तरीके से ऐसे प्रस्तावों को प्रस्ताव पुस्तिका में शामिल करने पर बल दे रहे थीं,जो “जनहित में न होकर निजी स्वार्थ की पूर्ति” के लिए थे।
शिवराज यादव ने बैठक छोड़ने के बाद कहा कि,”हम विकास के लिए चुने गए हैं,किसी की जेब भरने के लिए नहीं।जब एजेंडा ही गलत नीयत से लाया जाए तो उस पर साइन कैसे करें?”
अब ऐसे में सवाल ये उठ रहा है कि,जब सशक्त स्थायी समिति नगर परिषद की सबसे पावरफुल बॉडी होती है।टेंडर, योजना,खर्च की मंजूरी यहीं से पास होती है,तो फिर 7सदस्यीय समिति में से 5 सदस्यों का एक साथ बगावत पर उतर आना सभापति के लिए क्या बड़ा झटका माना जाना चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक विवाद की जड़ में शहर की सफाई,नाला निर्माण और स्ट्रीट लाइट से जुड़े 3 बड़े टेंडर हैं।सदस्यों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही।
वैसे इस पूरे मामले पर नगर सभापति का पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया,लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई थी।उनका पक्ष मिलते ही प्रकाशित किया जाएगा।
बहरहाल,बहिष्कार के बाद नगर परिषद में दो फाड़ की स्थिति बन गई है।बागी 5 सदस्यों ने संकेत दिए हैं कि अगर मनमानी नहीं रुकी तो वे DM और नगर विकास विभाग से शिकायत करेंगे।वहीं सभापति खेमे का दावा है कि “कुछ लोग विकास कार्य में अड़ंगा डाल रहे हैं”।वैसे कानून के हर पन्ने को पढ़कर जब आप धरातल पर आएंगे तो ये जान लीजिये कि,बिहार नगरपालिका अधिनियम के तहत सशक्त स्थायी समिति को 15 लाख तक की योजनाओं को सीधे मंजूरी देने का अधिकार है। इसके बिना सभापति कोई वित्तीय फैसला नहीं ले सकते। इसलिए इस समिति पर कब्जे के लिए हमेशा खींचतान रहती है।















