प्रवीण कुमार प्रियांशु


उसके बाद उनकी माता अपने रिश्तेदारों के पास काम-काज करने उन्हें छोड़ आई। लेकिन सवर्ण जातियों के लोगों द्वारा न केवल उनका अपहरण कर लिया गया बल्कि एक सप्ताह तक उनके साथ मारपीट करते हुए अन्य तरह से भी सितम ढ़ाया गया था। शारीरिक शोषण तक किया गया था।जिससे आहत होकर फूलन देवी जी उन दरिंदों से प्रतिशोध लेने के लिए अपराधिक गैंग में शामिल होकर बेहमई में एक शादी समारोह में एक साथ 22 सर्वणों को गोलियों से भून डाला था,जो कि बेहमई नरसंहार के नाम से जाना जाता है।उन्होंने कहा कि जिसके उपरांत इंदिरा गांधी की सरकार के आग्रह पर फूलन देवी ने उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश सरकार के साथ अपनी मांग का इकरार कर आत्मसमर्पण कर दिया।
उसके बाद मुलायम सिंह यादव की सरकार ने फूलन देवी जी को सजा से मुक्त करवाया और उसे बागी से सांसद बनाया।बावजूद जब फूलन देवी गरीबों,बेसहारा,दलितों-पिछड़ों,अतिपिछड़ों का आवाज बनने लगी,तो यह सवर्णों को रास नहीं आया और उनकी हत्या 25 जुलाई 2001 को सांसदीय कार्यक्रम के दौरन भोजनावकाश के दौरान दिल्ली में कर दी गई थी।मौके पर खगड़िया सदर प्रखंड अध्यक्ष बनाए गए ओमप्रकाश सहनी को उपस्थित पार्टी के सभी पदाधिकारियों ने माला पहनाकर कर सम्मानित किया।इस अवसर पर सुबोध सिंह निषाद, विकास संघ के जिलाध्यक्ष,शकलदीप चौधरी,खगड़िया विधानसभा प्रभारी, सुरेश प्रसाद केवट, वीआईपी के जिला उपाध्यक्ष धर्मवीर सहनी, जिला महासचिव, राजकिशोर चौधरी, प्रवीण कुमार प्रियांशु राहुल सहनी,आईटी सेल की मानसी प्रखंड अध्यक्ष पूजा कुमारी,प्रभुदयाल सहनी,सुरेंद्र कुमार चौधरी,विकास कुमार सहनी,ओम प्रकाश सहनी, वरुण चौधरी,अवधेश मंडल, कमलेश्वरी चौधरी अभिराज सहनी,राजेश कुमार रंजन, सदानंद सहनी,प्रदीप सहनी,हरीलाल सहनी,मुकेश सहनी,ज्योतिष सिंह निषाद, पंकज कुमार निषाद,विकेश सहनी,दिनेश चौधरी सहित वीआईपी पार्टी के अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।Trusted News Portal and Youtube Channel कहीं किसी पदाधिकारी या नेता का किसी भी तरह का दिखे भ्रष्टाचार,तो मेरे वाट्सएप नंबर- 6200721661 पर मैटर,वीडियो और तस्वीर अवश्य डालें।खबर को प्राथमिकता मिलेगी।
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