एसडीएफ न्यूज ब्यूरो, खगड़िया
खगड़िया और आसपास के दियारा क्षेत्र में गंगा नदी का लगातार बढ़ता कटाव अब सिर्फ जमीन का नुकसान नहीं बल्कि हजारों लोगों की आजीविका और जीवन के लिए सीधा संकट बन गया है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के एक शिष्टमंडल ने आज जिलाधिकारी खगड़िया को विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
शिष्टमंडल ने बताया कि खगड़िया, बेगूसराय और मुंगेर के सीमावर्ती दियारा क्षेत्रों में गंगा कटाव विकराल रूप ले रहा है।
इससे लगभग 70,000 लोगों का जीवन और 20-25 हजार एकड़ कृषि भूमि खतरे में है।
ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2018 में सरकार ने लगभग 70–80 करोड़ रुपये की लागत से कटाव रोकने के प्रयास किए थे, लेकिन विभागीय लापरवाही और निगरानी की कमी के कारण यह योजना स्थायी समाधान नहीं बन सकी।
इसके बावजूद, उस पहल ने कई पंचायतों को पूरी तरह से समाप्त होने से बचाया।
शिष्टमंडल ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस उपाय नहीं किए गए, तो अगले 3-4 वर्षों में स्थिति और भयावह हो सकती है। गंगा का प्रवाह राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के पास पहुंचने की आशंका भी जताई गई है।
इस क्षेत्र में सरकारी सार्वजनिक संपत्तियां जैसे स्कूल, सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी केंद्र और पेयजल टंकियां भी कटाव की चपेट में हैं। यदि तत्काल राहत और स्थायी उपाय नहीं किए गए, तो इन संरचनाओं का नुकसान होने के साथ ग्रामीणों की बुनियादी सुविधाएं भी समाप्त हो जाएंगी।
शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी से आग्रह किया कि प्रशासन संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर वैज्ञानिक और ठोस उपाय करे। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि प्रशासन इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाएगा और आवश्यक कार्रवाई करेगा।
शिष्टमंडल का नेतृत्व ई. धर्मेंद्र कुमार, नागेंद्र सिंह त्यागी और पूर्व जिला परिषद सदस्य कृष्ण कुमार कर रहे हैं। शिष्टमंडल प्रतिनिधियों में जितेंद्र यादव, पैक्स अध्यक्ष संजय यादव, पूर्व मुखिया मक्खन साह, प्रद्युमन सिंह, सुमित चौधरी, मुकेश यादव, राजद नेता मौसम कुमार गोलू, अरुण यादव, मनोज यादव, उमेश यादव, आमोद यादव, घनश्याम कुमार, नागेश्वर यादव, रमाकांत दास, विजय कुमार, राकेश पासवान शास्त्री, बबलू यादव, संजय यादव, वीर प्रकाश यादव, सदानंद यादव इत्यादि प्रमुख थे।















