एसडीएफ न्यूज़ ब्यूरो, खगड़िया
खगड़िया इस वक्त दोहरी मार झेल रहा है—एक तरफ बागमती नदी का रौद्र रूप आस्था के केंद्र बड़ी मां कात्यायनी स्थान को निगलने पर आमादा है, तो दूसरी तरफ गंगा नदी का कटाव माथर दियारा में हजारों जिंदगियों को उजाड़ने पर तुला है।हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अब यह सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
इसी बीच खगड़िया सदर विधायक बबलू कुमार मंडल के हस्तक्षेप के बाद सरकारी मशीनरी हरकत में आ गई है। जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी से सीधी मुलाकात के बाद विभाग ने बिना देर किए फ्लड कंट्रोल टीम को मौके पर भेजा।
शुक्रवार को कार्यपालक अभियंता मनीष कुमार के नेतृत्व में टीम ने बड़ी मां कात्यायनी स्थान का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि कटाव तेजी से बढ़ रहा है और मंदिर का एक पिलर पहले ही नदी की भेंट चढ़ चुका है।
यह सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। अगर समय रहते मजबूत कदम नहीं उठाए गए, तो यह ऐतिहासिक धरोहर कभी भी नदी में समा सकती है।
विधायक बबलू मंडल ने साफ शब्दों में कहा कि अब आधे-अधूरे उपाय नहीं, बल्कि स्थायी और मजबूत कटाव रोधी व्यवस्था की जरूरत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही बड़े स्तर पर काम शुरू कराया जाएगा।
उधर मथार दियारा की तस्वीर और भी भयावह है। गंगा का कटाव यहां तीन पंचायतों के अस्तित्व पर संकट बनकर टूट रहा है। खेत, घर, जमीन—सब कुछ धीरे-धीरे नदी में समा रहा है। किसानों की मेहनत और लोगों की जिंदगी दोनों खतरे में हैं।
विधायक ने इस मुद्दे को भी मंत्री के सामने मजबूती से उठाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ विकास का नहीं, बल्कि लोगों के जीवन और भविष्य का सवाल है।
स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा और डर दोनों साफ नजर आया। लोगों ने प्रशासन से साफ कहा कि अगर अब भी देरी हुई, तो आने वाला समय और भी खतरनाक होगा।















