एसडीएफ न्यूज ब्यूरो,खगड़िया
खगड़िया:जिस प्रकार खरगी तिरासी निवासी पांडव कुमार की हत्या दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल द्वारा गोली मारकर कर दी गयी।हत्या के बाद दिल्ली पुलिस की टीम द्वारा मृतक पांडव के लोग एवं उनके परिजन के साथ जो दुर्व्यवहार किया गया,इससे दिल्ली पुलिस की मंशा पर सवाल खड़ा होता है।मृतक के परिजनों द्वारा जो जानकारी दी गई है,उसके मुताबिक 26 अप्रैल के सुबह दो बजे गोली मार दी जाती है।घटना के तुरंत बाद उनके परिजन घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन दिल्ली पुलिस की टीम लाश को घेर रखी थी और किसी को देखने तक नहीं दिया।पुनः लाश का पोस्टमार्टम कराया गया।अपराह्न लगभग चार बजे शिनाख्त के लिए एक परिजन को बुलाया जाता है।आनन- फानन में बिना किसी हिंदू रीति रिवाज के लाश को शव वाहन में रखकर बिना परिजन को साथ लिए श्मशान घाट ले जाया जाता है।वहां सिर्फ मुखाग्नि के लिए उसके छोटे भाई को बुलाया जाता है।पुनः प्रशासन द्वारा ही पार्थिव शरीर को जला दिया जाता है।विडंबना इस बात की है कि उसके माता-पिता को भी मुंह देखने नहीं दिया गया।जिस प्रकार एक आतंकवादी के साथ व्यवहार किया जाता है, वैसा ही व्यवहार पांडव की लाश एवं परिजनों के साथ किया गया।इसलिए हम खगड़ियावासी को आशंका है कि दिल्ली पुलिस टीम द्वारा पांडव को न्याय दिलाने में सहयोग नहीं दिया जा सकता है।सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव,मनोज तिवारी, राजेश वर्मा एवं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से निवेदन है कि पांडव के हत्या की जांच बिहार के ही उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराई जाए,ताकि पांडव के परिजनों को न्याय मिल सके।उक्त बातें युवा शक्ति के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नागेंद्र सिंह त्यागी ने आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन में उपस्थित खगड़ियावासियों को संबोधित करते हुए कही।
ज्ञातव्य हो कि गुरुवार को खरगी तिरासी निवासी पांडव कुमार की हत्या के विरोध में खगड़ियावासी द्वारा आक्रोश पूर्ण प्रदर्शन किया गया।सर्वप्रथम यह प्रदर्शन कोशी कॉलेज के पास से निकलकर नागेंद्र सिंह त्यागी के नेतृत्व में हाथ में तख्ती लिए पांडव के हत्यारे को फांसी दो,पांडव के परिजन को एक करोड़ मुआवजा दो,परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दो, दिल्ली पुलिस मुर्दाबाद,बिहार के सम्मान के सवाल पर बिहार के नेताओं एक हों,भारत सरकार बिहारियों की सुरक्षा की गारंटी दो,बिहार का अपमान नहीं सहेगा बिहारी नौजवान इत्यादि नारा लगाते हुए राजेंद्र चौक पर पहुंची,जहां यह प्रदर्शन सभा में तब्दील हो गयी।
इस प्रदर्शन सभा की अध्यक्षता युवा शक्ति के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नागेंद्र सिंह त्यागी एवं संचालन रामपुर पंचायत के मुखिया कृष्णानंद यादव ने किया।
सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय जनता दल के जिलाध्यक्ष मनोहर कुमार यादव ने कहा कि यह प्रदर्शन न किसी पार्टी,न जाति और ना ही किसी संगठन के द्वारा किया गया,बल्कि खगड़ियावासियों द्वारा यह आक्रोशपूर्ण मार्च निकाला गया।
यह संदेश है उन सभी नेताओं के लिए,जो निज स्वार्थ के लिए समाज को जाति-धर्म में बांटने पर विश्वास करते हैं।उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के संवेदनहीन बयान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ऐसे लोगों की नीच सोच के चलते बिहारी को लाठी-गोली खानी पड़ती है।उन्होंने मंत्री चिराग पासवान के बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट पर भी तंज करते हुए कहा कि लाठी-गोली खाने में ही बिहार फर्स्ट रहेगा या फिर सम्मान पाने में भी फर्स्ट रहेगा।
सभा का संचालन करते हुए मुखिया कृष्णानंद यादव ने कहा कि क्या बिहारी होना गुनाह है?यदि ऐसा है तो भारत सरकार संविधान में संशोधित कर दे कि बिहारी अपने राज्य के बाहर नहीं जा सकते हैं।रोजी रोजगार नहीं कर सकते हैं।उन्होंने बिहार के सभी दलों के नेताओं से आग्रह किया कि,बिहार के सम्मान और बिहारियों की सुरक्षा के सवाल पर एक हों।
उन्होंने कहा कि,जिस दिन बिहार के सभी सांसद-मंत्री एकजुट होकर घोषणा कर दें कि बिहारी सम्मान के सवाल पर कोई समझौता नहीं करेंगे,उसी दिन लाठी क्या आंख दिखाने से पहले दूसरे प्रदेश के लोग हजार बार सोचेंगे।बेलदौर विधानसभा की पूर्व प्रत्याशी तनीषा भारती ने अपने संबोधन में कहा कि पांडव की मौत को व्यर्थ नहीं जाने देंगे।उन्होंने कहा कि पांडव की हत्या बिहार के लिए शर्मनाक है।इनको न्याय दिलाने के लिए नारी शक्ति के साथ- साथ हमारी पार्टी अंतिम सांस तक लड़ेगी।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेता भारत सिंह जोशी ने कहा कि खगड़ियावासी द्वारा बिहारी सम्मान के सवाल पर यह प्रदर्शन एक आगाज है।इस प्रदर्शन के आग की लपट बिहार के विभिन्न जिले तक पहुंचेगी।यदि न्याय नहीं मिला तो हम छात्र युवा दिल्ली जाने में भी देर नहीं करेंगे।जदयू नेता नीतीश कुमार ने कहा कि दिल्ली पुलिस कांस्टेबल द्वारा सिर्फ पांडव के सीने में गोली नहीं मारी गई,बल्कि बिहार के सीने में गोली मारी गई है।
युवा शक्ति के प्रदेश उपाध्यक्ष आशुतोष यादव तथा तेताराबाद पंचायत के मुखिया मुन्ना प्रताप, युवा शक्ति के जिलाध्यक्ष राजेश यादव,जिप सदस्य प्रतिनिधि सुनील चौरसिया,कांग्रेस नेता आसिफ नजीर,डॉ.आलम राही, न्यू कोसी हॉस्पिटल के निदेशक परमानंद सिंह,पूर्व सरपंच राम बहादुर सदा,रामबालक सिंह, रमेश चौधरी,रामसेवक सिंह, चंद्रशेखर तांती,मंटू सिंह,नीरज यादव,कविरंजन कुमार यादव, बबलू यादव,छात्र नेता राजा कुमार,इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के प्रधान महासचिव घनश्याम कुशवाहा,रामप्रवेश सिंह,शंकर ठाकुर,राम पुकार सिंह,राजेश्वर सिंह,दिलीप सिंह,फूलो वर्मा, पूर्व सरपंच शशि शर्मा,धीरज कुमार और संतोष रजक ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जो मृतक के आश्रित को आठ लाख रुपये देने की घोषणा किये,के लिए उन्हें धन्यवाद देते हुए कहा कि तत्काल तो सहयोग आपने किया,लेकिन आखिर कब तक बिहारी लाठी गोली खाता रहेगा।उन्होंने पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज पप्पू यादव नहीं पहुंचते तो बिहार के कोई सांसद सुधि नहीं लेते और दिल्ली पुलिस पांडव कुमार की लाश को लावारिस बना ही दिया था।
उन्होंने कहा कि कार्ल मार्क्स ने कहा था कि दुनिया के मजदूर एक हो।अब खगड़ियावासी ने आह्वान किया है कि बिहार के नेताओं एक हों।प्रदर्शनकारियों ने संकल्प लिया कि पांडव को न्याय दिलाने तक दिल्ली भी जाना पड़ेगा तो हम लोग जाकर अंतिम सांस तक लड़ेंगे।

एसडीएफ न्यूज ब्यूरो,खगड़िया













