एसडीएफ न्यूज ब्यूरो,खगड़िया
खगड़िया जिले के नगर पंचायत मानसी अंतर्गत वार्ड संख्या-09 के खुटिया गांव में निर्माणाधीन सड़क योजना को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
समाजसेवी सह RTI कार्यकर्ता अभय कुमार गुड्डू ने नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार के प्रधान सचिव सहित खगड़िया के जिलाधिकारी को विस्तृत शिकायत भेजकर सड़क निर्माण कार्य में वित्तीय,तकनीकी एवं प्रशासनिक अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
शिकायत में कहा गया है कि खुटिया गांव में सड़क निर्माण कार्य बिना किसी शिलान्यास अथवा सूचना पट्ट(डिस्प्ले बोर्ड) लगाए कराया जा रहा है।परिणामस्वरुप ग्रामीणों को यह जानकारी नहीं मिल पा रही है कि सड़क किस विभाग की योजना के तहत बन रही है और उसकी स्वीकृत लागत कितनी है!लोगों को यह भी नहीं पता है कि संवेदक कौन है तथा निर्माण की तकनीकी विशिष्टताएं क्या हैं।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि संवेदक द्वारा पूर्व से निर्मित पीसीसी सड़क पर मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है, जिससे थोड़ी सी बारिश होने पर सड़क की स्थिति कीचड़युक्त हो जाती है और लोगों का आवागमन प्रभावित होता है।ग्रामीणों को पैदल चलने तक में कठिनाई हो रही है।सबसे गंभीर बात यह है कि उक्त सड़क से छोटे-छोटे बच्चे की स्कूल गाड़ी प्रतिदिन आती-जाती है,जो मनमानी ढ़ंग से निर्माण कार्य कराने के कारण पूर्णतः बंद है।
निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है।आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि निर्माण स्थल के आसपास भारी कीचड़ और जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है,जिससे आम नागरिकों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी जनसुरक्षा एवं कार्यस्थल प्रबंधन के मानकों का पालन नहीं कर रही है।अभय कुमार गुड्डू ने कहा कि नगर पंचायत मानसी के कार्यपालक पदाधिकारी एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही भी इस मामले में तय होनी चाहिए,क्योंकि बिना सूचना पट्ट लगाए किसी सार्वजनिक योजना का निर्माण कराया जाना पारदर्शिता के सिद्धांतों के विपरीत है।
शिकायत में यह भी सवाल उठाया गया है कि नगर पंचायत क्षेत्र में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की जानकारी आम जनता तक नहीं पहुंच रही है।स्थानीय नागरिकों को यह भी नहीं बताया गया है कि संबंधित सड़क योजना की प्रशासनिक स्वीकृति,तकनीकी स्वीकृति और प्राक्कलन किस आधार पर तैयार किया गया है।
शिकायतकर्ता ने कहा कि सड़क निर्माण कार्य केवल निर्माण पूरा करने का विषय नहीं है,बल्कि यह सार्वजनिक धन के उपयोग, निर्माण गुणवत्ता,जनसुरक्षा, यातायात व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं से सीधे जुड़ा हुआ मामला है।यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं किया गया तो भविष्य में सड़क की गुणवत्ता एवं टिकाऊपन पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग सकता है।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि सड़क निर्माण योजना के संपूर्ण प्रशासनिक एवं तकनीकी दस्तावेजों की जांच कराई जाए।योजना की स्वीकृत प्राक्कलन राशि,संवेदक का नाम,कार्यादेश एवं तकनीकी स्वीकृति को सार्वजनिक किया जाए।निर्माण स्थल पर सूचना पट्ट एवं चेतावनी बोर्ड तत्काल स्थापित कराया जाए।कार्य की गुणवत्ता की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए।निर्माण कार्य के दौरान जनसुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।विद्यालय जाने वाले बच्चों एवं ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही निर्धारित की जाए।
इतना ही नहीं,नगर पंचायत के संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जाए।जांच में दोषी पाए जाने वाले संवेदक, अधिकारी एवं कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।स्थानीय ग्रामीणों ने भी मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सार्वजनिक धन के दुरुपयोग एवं संभावित भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए।ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है तथा इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।

एसडीएफ न्यूज ब्यूरो,खगड़िया















