एसडीएफ न्यूज ब्यूरो, पटना
बिहार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एवं निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में DIG के पद पर कार्यरत राकेश कुमार सिन्हा को उनकी उत्कृष्ट एवं सराहनीय पुलिस सेवा के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय,नई दिल्ली की ओर से Police Medal for Meritorious Services (सराहनीय सेवा पदक)से सम्मानित किया गया है।यह सम्मान उनके लंबे सेवाकाल में कर्तव्यनिष्ठा,उत्कृष्ट कार्यशैली,नेतृत्व क्षमता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रभावी जिम्मेदारियों के निर्वहन का महत्वपूर्ण प्रमाण माना जा रहा है।
श्री सिन्हा का पुलिस सेवा का सफर वर्ष 1999 बैच से सीधे भर्ती किए गए पुलिस उपाधीक्षक(DSP)के रूप में शुरू हुआ।वर्ष 2001 में उन्होंने दुमका(झारखंड)से अपनी सेवा प्रारंभ की।कैडर डिवीजन के बाद बिहार में उन्होंने जहानाबाद,शेखपुरा, रोहतास,समस्तीपुर,जमुई, नालंदा,सुपौल और खगड़िया समेत कई जिलों में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां निभाईं।
इसके अलावा उन्होंने STF, BPA,ATS और निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में भी अलग- अलग पदों पर कार्य करते हुए अपनी प्रशासनिक एवं पुलिसिंग क्षमता का परिचय दिया।
पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने और संवेदनशील मामलों के त्वरित निष्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।विशेष रूप से विधि-व्यवस्था एवं नक्सल संबंधी चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने पुलिस तंत्र को प्रभावी ढंग से संचालित करने में योगदान दिया।उनके सेवाकाल में अपराध नियंत्रण के साथ- साथ गंभीर मामलों के त्वरित अनुसंधान और निष्पक्ष कार्रवाई पर भी विशेष जोर रहा।
2012 बैच के IPS अधिकारी बने
सेवा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद राकेश कुमार सिन्हा को वर्ष 2012 बैच के IPS अधिकारी के रूप में पदोन्नति मिली।IPS अधिकारी बनने के बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक के रूप में मद्य निषेध,विशेष शाखा,लोकायुक्त कार्यालय तथा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में SP/SSP स्तर के पदों पर अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।इन पदों पर रहते हुए उन्होंने प्रशासनिक निगरानी,अपराध नियंत्रण,जांच और संस्थागत जवाबदेही से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया।इसके बाद उन्हें DIG के पद पर पदोन्नति मिली और वर्तमान में वे निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में DIG के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।वर्तमान जिम्मेदारी के दौरान भी उन्होंने अतिरिक्त दायित्वों का प्रभावी निर्वहन करते हुए कम समय में 32 AOPA कांडों के सफल निष्पादन का उल्लेखनीय कार्य किया है।इससे उनकी कार्यकुशलता, निर्णय क्षमता और चुनौतीपूर्ण मामलों को निर्धारित समय में पूरा करने की क्षमता सामने आती है।
चुनावी ड्यूटी में भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
श्री सिन्हा ने पुलिस सेवा के अलावा निर्वाचन संबंधी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का भी सफलतापूर्वक निर्वहन किया है।पंजाब एवं गुजरात राज्यों में चुनाव के दौरान पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में उन्होंने सराहनीय सेवाएं प्रदान कीं।चुनाव जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक कार्य में पुलिस पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक निभाना उनके अनुभव और प्रशासनिक दक्षता को दर्शाता है।
32 प्रशस्ति-पत्रों से सम्मानित
राकेश कुमार सिन्हा के सेवाकाल में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए उन्हें अब तक 32 प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जा चुके हैं।इनमें से छह प्रशस्ति-पत्र बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP)की ओर से दिए गए हैं।लगातार मिलने वाले इन प्रशस्ति-पत्रों से उनके कार्यों की गुणवत्ता और पुलिस सेवा के प्रति उनके समर्पण का पता चलता है।सराहनीय सेवा पदक मिलना उनके लंबे पुलिस करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत सेवाकाल की उपलब्धि है,बल्कि बिहार पुलिस के उन अधिकारियों और जवानों के लिए भी प्रेरणादायी है,जो कठिन परिस्थितियों में कानून- व्यवस्था और जनसुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हैं।
बहरहाल,DIG राकेश कुमार सिन्हा का सेवाकाल बताता है कि पुलिसिंग केवल पद और अधिकार का विषय नहीं, बल्कि अनुशासन,जिम्मेदारी, निष्पक्षता,नेतृत्व और निरंतर समर्पण का कार्य है।दुमका से शुरू हुई उनकी पुलिस सेवा की यात्रा बिहार के विभिन्न जिलों,STF, ATS,विशेष शाखा,मद्य निषेध,लोकायुक्त कार्यालय और निगरानी अन्वेषण ब्यूरो तक पहुंची है।इस दौरान उन्होंने अलग- अलग परिस्थितियों और चुनौतियों के बीच अपनी कार्यक्षमता साबित की।केंद्रीय गृह मंत्रालय,नई दिल्ली की ओर से प्रदान किया गया सराहनीय सेवा पदक इसी दीर्घकालिक एवं उत्कृष्ट सेवा यात्रा की महत्वपूर्ण मान्यता है।यह सम्मान उनके लिए आगे भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देने के साथ-साथ पुलिस सेवा में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा।

एसडीएफ न्यूज ब्यूरो, पटना













