एसडीएफ न्यूज ब्यूरो,खगड़िया
खगड़िया जिले में पशुपालकों के हित में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल देखने को मिली है। नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या–37 अंतर्गत हरदाशचक स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में पशु बांझपन निवारण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग द्वारा सात निश्चय–2 कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया।
शिविर का उद्घाटन नगर सभापति अर्चना कुमारी ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पशुओं में बांझपन की समस्या किसानों के लिए एक गंभीर चुनौती है, जिसे वैज्ञानिक पद्धतियों और समय पर उपचार के जरिए दूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविर पशुपालकों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
शिविर के दौरान पशु चिकित्सकों की टीम ने पशुओं की निःशुल्क जांच की, उनका उपचार किया और आवश्यक दवाइयों का वितरण किया।
साथ ही पशुपालकों को बांझपन के कारण, उसके उपचार, टीकाकरण और पशुओं की बेहतर देखभाल के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
इस शिविर में बड़ी संख्या में पशुपालकों ने भाग लेकर अपने पशुओं का इलाज कराया और विशेषज्ञों से महत्वपूर्ण परामर्श प्राप्त किया। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में काफी लाभकारी साबित होते हैं और पशुपालन को बढ़ावा देते हैं।
कार्यक्रम में जिला पशुपालन पदाधिकारी, पशु चिकित्सक एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। शिविर का आयोजन राजकीय पशु औषधालय, खगड़िया द्वारा किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के शिविर पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार, दूध उत्पादन में वृद्धि और किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है और आत्मनिर्भर बिहार के लक्ष्य को साकार करने में मदद मिलती है।

















