एसडीएफ न्यूज ब्यूरो,खगड़िया
खगड़िया विधानसभा क्षेत्र के विधायक बबलू कुमार मंडल ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने को लेकर बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से शुक्रवार को मुलाकात की।उन्होंने मंत्रालय में विस्तृत पत्र देकर कई महत्वपूर्ण मांगें की है।विधायक ने खगड़िया मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू कराने, एनएच-31 पर पूर्वी ठाठा और मानसी के बीच ट्रॉमा सेंटर की स्थापना,सदर अस्पताल में एफएसएल टीम की स्थायी व्यवस्था,अतिरिक्त सर्जन की नियुक्ति तथा फोरेंसिक मेडिसिन विशेषज्ञ की पदस्थापना की मांग करते हुए कहा है कि इन सुविधाओं के अभाव में जिले के लाखों लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक ने अपने पत्र में कहा है कि खगड़िया उत्तर बिहार का एक महत्वपूर्ण एवं घनी आबादी वाला जिला है,जहां प्रतिदिन हजारों मरीज सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर निर्भर रहते हैं।बावजूद इसके कई आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है।जिसके कारण मरीजों को इलाज के लिए भागलपुर, बेगूसराय,दरभंगा और पटना जैसे शहरों का रुख करना पड़ता है।
विधायक बबलू मंडल ने कहा कि खगड़िया में मेडिकल कॉलेज की स्थापना जिले की जनता की वर्षों पुरानी मांग रही है।पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा इसकी स्वीकृति दी जा चुकी है।मेडिकल कॉलेज बनने से न केवल खगड़िया बल्कि आसपास के कई जिलों के लोगों के लिए भी उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।साथ ही मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय युवाओं को लाभ मिलेगा।उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से निर्माण कार्य को अविलंब प्रारंभ कराने की मांग की है।
पत्र में विधायक ने पूर्वी ठाठा से मानसी के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-31 को दुर्घटनाओं की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील बताते हुए इसे “डेंजर जोन” करार दिया है।उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर आए दिन गंभीर सड़क दुर्घटनाएं होती हैं,जिनमें कई लोगों की जान चली जाती है।दुर्घटना के बाद घायलों को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती,जिससे मृत्यु दर बढ़ जाती है।ऐसी स्थिति में इस क्षेत्र में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त ट्रॉमा सेंटर की स्थापना अत्यंत आवश्यक है।
सदर विधायक ने खगड़िया सदर अस्पताल में फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी(एफएसएल)टीम की स्थायी व्यवस्था की भी मांग की है।उन्होंने कहा कि वर्तमान में किसी भी आपराधिक या संदिग्ध मामले की जांच के लिए एफएसएल टीम को भागलपुर से बुलाना पड़ता है।इससे जांच प्रक्रिया में विलंब होता है और कई बार महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।यदि खगड़िया में ही स्थायी एफएसएल टीम उपलब्ध होगी तो जांच प्रक्रिया अधिक त्वरित और वैज्ञानिक बनेगी।
सदर अस्पताल में अतिरिक्त सर्जन और फोरेंसिक विशेषज्ञ की आवश्यकता जताते हुए विधायक ने कहा कि खगड़िया सदर अस्पताल जिले का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है,जहां प्रतिदिन लगभग 1300 से 1500 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।मरीजों की संख्या के अनुपात में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता पर्याप्त नहीं है।विशेष रूप से सर्जन की कमी के कारण कई गंभीर मरीजों को अन्य जिलों में रेफर करना पड़ता है।इसलिए एक अतिरिक्त सर्जन की पदस्थापना आवश्यक है।
इसके साथ ही उन्होंने फोरेंसिक मेडिसिन विशेषज्ञ की स्थायी नियुक्ति की मांग करते हुए कहा कि विशेषज्ञ की अनुपलब्धता के कारण कई बार पोस्टमार्टम एवं विधिक प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब होता है।कई मामलों में शव को पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर या पटना भेजना पड़ता है,जिससे मृतक के परिजनों को भारी मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
विधायक बबलू कुमार मंडल ने स्वास्थ्य मंत्री से अनुरोध किया है कि खगड़िया जिले की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को देखते हुए इन सभी मांगों पर सकारात्मक एवं त्वरित कार्रवाई की जाए।उन्होंने कहा कि यदि इन योजनाओं को धरातल पर उतारा जाता है तो जिले के लाखों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और खगड़िया की स्वास्थ्य व्यवस्था नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी।साथ ही लोगों को इलाज के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

एसडीएफ न्यूज ब्यूरो,खगड़िया













